फांसीदेवा में फ्लाईओवर ढहने की जांच शुरू
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Aug 2018 1:36 AM
विज्ञापन
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के निकट फांसीदेवा में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने की घटना की जांच शुरू हो गयी है. जहां एक तरफ निर्माणकारी ठेकेदार संस्था अपना पल्ला झाड़ रही है, तो दूसरी ओर शुरू से ही निर्माण कार्य में लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है. घोषपुकुर-फूलबाड़ी बाइपास सड़क पर निर्माणाधीन फ्लाइओवर […]
विज्ञापन
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के निकट फांसीदेवा में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने की घटना की जांच शुरू हो गयी है. जहां एक तरफ निर्माणकारी ठेकेदार संस्था अपना पल्ला झाड़ रही है, तो दूसरी ओर शुरू से ही निर्माण कार्य में लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है. घोषपुकुर-फूलबाड़ी बाइपास सड़क पर निर्माणाधीन फ्लाइओवर परियोजना में कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है.
रविवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग(सीपीडब्लूडी) व ठेकेदार संस्था एल एंड टी की छह सदस्यीय टीम फांसीदेवा के कांतिभीटा इलाके में घटना का जायजा लेने पहुंची. टीम ने गिरे हुए गर्डरों को देखा. दार्जिलिंग जिला प्रशासन ने भी घटना की रिपोर्ट ठेकेदार संस्था से तलब की है. सोमवार को डिजाइनिंग टीम व मंगलवार को सीपीडब्लूडी की टीम घटना की जांच को फांसीदेवा पंहुचेगी.
उल्लेखनीय है कि बीते शनिवार को तड़के फांसीदेवा के कांतिभीटा में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के चार गर्डर एक साथ गिर गये. निर्माणकारी संस्था अपना पल्ला झाड़ रही है, लेकिन परियोजना में कहीं भी सीसीटीवी नहीं लगाये जाने की बात उसने मानी है. रविवार को घटना का जायजा लेने पहुंची छह सदस्यी टीम में शामिल एल एंड टी के राष्ट्रीय टेक्निकल प्रमुख पीके गुहा ने बताया कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है.
निम्न स्तर का सामान उपयोग करने का प्रमाण भी नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि पिलर के ऊपरवाले कैप पर खरोच का निशान मिला है. शायद किसी बड़ी लॉरी या कंटेनर से धक्का लगा है. श्री गुहा ने कहा कि कंटेनर या लॉरी के धक्के से पिलर पर क्षैतिज दवाब उत्पन्न हुआ होगा और गर्डर गिर गये होंगे.
उन्होंने कहा कि घटना की शिकायत फांसीदेवा थाने में दर्ज करायी गयी है. पूरी घटना की जांच की जा रही है. एल एंड टी, एनएचएआई और सीपीडब्लूडी संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं. जांच की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी सौंपी जायेगी. उन्होंने बताया कि एल एंड टी विश्व के करीब 40 देशों में कार्य करती है. पश्चिम बंगाल में भी जलढाका व महानंदा नदी पर सेतु बनाने का कार्य जारी है. निर्माण कार्य पर निगरानी व सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक परियोजना में सीसीटीवी लगाया जाता है, लेकिन इस परियोजना में कहीं भी सीसीटीवी नहीं लगा है, जिसकी वजह से वास्तविक घटना का पता नहीं चल पा रहा है.
फांसीदेवा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एल एंड टी व एनएचएआई ने घटना में कोई शिकायत नहीं दर्ज करायी है, बस घटना की जानकारी दी है. जिसमें अनजान कारणों से गर्डर गिरने की बात कही गयी है. वहीं सिलीगुड़ी महकमा परिषद के तृणमूल सदस्य आईनुल हक ने निर्माण कार्य पर सवाल खड़ा करते हुए शिकायत दर्ज करायी है. इस शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की है. फांसीदेवा पुलिस ने भी कार्य में लापरवाही बरते जाने का इशारा किया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर ट्रक के टायर का निशान या पिलर पर कंटेनर के रंग आदि का निशान नहीं पाया गया है. इसके अतिरिक्त इतने मजबूत पिलर को हिलाने के लिए जबरदस्त धक्का लगना भी आवश्यक है, जिसके कोई निशान नहीं हैं. इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य में सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि एल एंड टी के साथ लासा, डिजइनिंग कंसल्टेंट स्तूप, प्रूफ कंसल्टेंट सॉविल, सुरक्षा के लिए थीसा जैसी कंपनिया भी जुड़ी हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










