घीसिंग के सपनों को करना है साकार : मौरिस कालिकोटे

Published at :19 Nov 2017 10:52 AM (IST)
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घीसिंग के सपनों को करना है साकार : मौरिस कालिकोटे

कालिम्पोंग. करीब एक दशक बाद कालिम्पोंग शहर में आज गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (गोरामुमो) का पार्टी कार्यालय खुला. हाल ही में पहाड़ में चल रहे गोरामुमो पार्टी के घर-वापसी कार्यक्रम के दरम्यान पार्टी के समर्थक एवं नेताओं में उत्साह चरम पर है. वर्ष 2007 के आखिर में गोजमुमो की स्थापना के बाद पहाड़ से गोरामुमो […]

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कालिम्पोंग. करीब एक दशक बाद कालिम्पोंग शहर में आज गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (गोरामुमो) का पार्टी कार्यालय खुला. हाल ही में पहाड़ में चल रहे गोरामुमो पार्टी के घर-वापसी कार्यक्रम के दरम्यान पार्टी के समर्थक एवं नेताओं में उत्साह चरम पर है. वर्ष 2007 के आखिर में गोजमुमो की स्थापना के बाद पहाड़ से गोरामुमो का अस्तित्व लगभग नगण्य हो चला था. इसके साथ 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली दफे गोरामुमो ने भाग लेकर राजनीति में अपनी वापसी का एहसास दिलाया था, जिसके बाद लगातार पहाड़ की जनता गोरामुमो के साथ जुड़ रही है.

उल्लेखनीय है कि गोरखालैंड की अवधारणा के जन्मदाता पूर्व गोरामुमो अध्यक्ष सुभाष घीसिंग के निधन के बाद पार्टी का कमान उनके बेटे मन घीसिंग ने संभाला है. एक तरफ राज्य सरकार के साथ पार्टी की लगातार घनिष्ठता के आरोपों के बीच गोजमुमो के अंदर चल रहे आपसी विवाद का फ़ायदा गोरामुमो को ही मिल रहा है.
आज स्थानीय डीएस गुरुंग रोड में गोरामुमो के कालिम्पोंग जिलाध्यक्ष मौरिस कालिकोटे, केंद्रीय समिति सदस्य भक्त जैरु, दावा शेर्पा, लोपसांग लामा एवं शहीद प्रमोद बस्नेत एवं हर्क सुब्बा के परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में पार्टी कार्यालय का रिबन काट कर कार्यालय का शुभारंभ किया गया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जय गोरामुमो, जय सुभाष, जय मन घीसिंग के नारे लगाये. कार्यालय में आज विधिवत पूजा अर्चना की गई. इस मौके पर बात करते हुए गोरामुमो के कालिम्पोंग जिलाध्यक्ष मौरिस कालिकोटे ने कहा कि सुभाष घीसिंग के गुरु रिम्पोछे जो मुंबई में रहते हुए उनके आदेश के बाद आज 11 बजे कार्यालय खोलने का मुहूर्त बताया था जिसके अनुरूप आज कार्यालय खोला गया.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दार्जिलिंग पहाड़ में नेतृत्व देने की बाध्यता के कारण गोरामुमो ने अनेक साल दूसरे दलों को जाति के मसले को हल करने के लिये दिशा दी लेकिन कोई भी पार्टी यह काम नहीं कर सकी. इसलिये जनता ने आज सभी दलों को दरकिनार करते हुए गोरामुमो पर आस्था एवं भरोसा जताई है.

लगातार बढ़ रहे जनाधार के कारण पार्टी समस्याओं का सामना कर रही गोरखा जाति एवं इस भूभाग की समस्या के हल के जरिये सुभाष घीसिंग के सपने को हमें पूरा करना है. भारत में गोरखा जाति स्वाभिमान से जी नहीं पा रहे हैं. पहली बार गोरामुमो ने गोरखा जाति के अस्तित्व का दस्तावेज भारतीय संविधान में शामिल करवाया. अब उसी प्रावधान को आगे बढ़ाते हुए गोरखा हिल काउंसिल के जरिये छठी अनुसूची के तहत स्वायत्तशासन की व्यवस्था पहाड़ में लागू कराने की मांग हमारी है. उन्होंने कहा कि सुभाष घीसिंग ने भी इस व्यवस्था को लागू करने का प्रयास किया था. पार्टी उसी दिशा में आगे बढ़ेगी.
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