लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ उठा रहा था राकिबुल, मुर्शिदाबाद पुलिस ने हिरासत में लिया

Author Ashish Jha
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राकिबुल

Lakshmi Bhandar scheme: सीएम शुभेंदु अधिकारी की ओर से फर्जी लाभार्थियों में राकिबुल के नाम का उल्लेख किए जाने के कुछ ही समय बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस कार्रवाई पर राकिबुल ने कहा कि वो अकेला भ्रष्टाचार में शामिल नहीं है. उसने कई नामों की ओर इशारा किया है.

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Lakshmi Bhandar scheme: कोलकाता. बंगाल में पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की जाने वाली चर्चित ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा गुरुवार को योजना में बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थियों का मुद्दा उठाए जाने के कुछ ही घंटे के भीतर मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर निवासी राकिबुल शेख को हिरासत में लिया गया है.

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30 लाख फर्जी लाभार्थियों के नाम का जिक्र

आरोप है कि वह पिछले तीन वर्षों से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का रुपया ले रहा था, जबकि यह योजना केवल महिलाओं के लिए है. सीएम ने बुधवार शाम राज्य सचिवालय से लक्ष्मी भंडार की जगह ‘अन्नपूर्णा योजना’ का फार्म जारी करते हुए दावा किया कि पुरानी ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में लगभग 30 लाख फर्जी लाभार्थियों के नाम शामिल हैं. उन्होंने मुर्शिदाबाद निवासी राकिबुल शेख के नाम का उल्लेख किया और दावा किया के किस तरह पूर्ववर्ती सरकार में लाभार्थियों की सूची का सही तरीके से सत्यापन नहीं होने के चलते कुछ पुरुष भी इसका लाभ उठा रहे हैं.

राकिबुल शेख ने नहीं किया कभी आवेदन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्रारंभिक धारणा थी कि सूची पूरी तरह सत्यापित है, लेकिन जांच में बड़ी संख्या में अपात्र नामों का पता चला है. वहीं, हिरासत में लिए जाने के बाद राकिबुल शेख ने दावा किया कि उसने कभी लक्ष्मीर भंडार के लिए आवेदन ही नहीं किया था. उसके अनुसार, काफी समय से उसके बैंक खाते में पैसे आ रहे थे और बैलेंस जांच के दौरान उसे इसकी जानकारी मिली. उसने कहा कि उसने बीडीओ कार्यालय को इसकी सूचना नहीं दी और दोस्तों की सलाह पर चुप रहा.

मैं अकेला भ्रष्टाचार में शामिल नहीं

राकिबुल ने कहा कि मैं अकेला भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हूं. बहुत लोग इसमें शामिल हैं, उन सबकी भी जांच होनी चाहिए. जब खाते में पैसे आ रहे थे, तो दोस्तों ने कहा कि बताने की जरूरत नहीं है. भ्रष्टाचार हर जगह चल रहा है. उसने दावा किया कि वह केवल आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लक्ष्मी भंडार के लिए कभी आवेदन नहीं किया. इस पूरे मामले के बाद राज्य में लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थी सूची और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. सरकार अब कथित फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उनके नाम हटाने की तैयारी में है.

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