मंदिरतला बस स्टैंड के पास धरना देने की मिली अनुमति

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कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने प्रदेश भाजपा को नबान्न के सामने धरना प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

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कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने प्रदेश भाजपा को नबान्न के सामने धरना प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. न्यायाधीश ने मंदिरतला बस स्टैंड के पास शर्तों के साथ धरना देने की अनुमति दी है. न्यायाधीश ने कहा कि धरना मंच अधिकतम 12 फीट चौड़ा व 15 लंबा होना चाहिए. साथ ही यहां माइक्रोफोन का प्रयोग नहीं किया जा सकता और यहां 50 से ज्यादा समर्थक इकट्ठा नहीं हो सकते. साथ ही न्यायाधीश ने किसी प्रकार के भड़काऊ भाषण देने पर भी रोक लगायी है.

इसे लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ में चुनौती देंगे. उन्होंने कहा : हम नबान्न के पीछे बैठकर धरना नहीं देंगे. नबान्न से भले ही 200 मीटर दूर ही सही, हम राज्य सचिवालय के सामने धरना देंगे. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि वह हाइकोर्ट की बाकी शर्तों का पालन करेंगे. उन्होंने कहा : वहां लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा, हम सिर्फ हैंड माइक्रोफोन का इस्तेमाल करेंगे.

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