सीमा पर तनाव और घुसपैठ विवाद के बीच बांग्लादेश की मैंगो डिप्लोमेसी, शुभेंदु अधिकारी को भेजे 500 किलो आम

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Bangladesh Mango Diplomacy India 2026 West Bengal

Mango Diplomacy: सीमा पर तनाव और 3 डी (डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट) के बीच बांग्लादेश ने भारत के साथ अपनी मैंगो डिप्लोमेसी को जारी रखा है. ढाका ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को तोहफे में 1,100 किलो प्रीमियम आम भेजे हैं.

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Mango Diplomacy: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में बढ़े कूटनीतिक और सीमाई तनाव के बावजूद ढाका ने अपनी मैंगो डिप्लोमेसी (Mango Diplomacy) जारी रखी है. बांग्लादेश सरकार ने एक सद्भावना संकेत (Goodwill Gesture) के रूप में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) को प्रीमियम ‘हिमसागर’, ‘हरिभांगा’ और ‘आम्रपाली’ आमों की बड़ी खेप भेजी है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है.

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500 किलो आम की खेप पहुंची कोलकाता

बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, राजनयिकों और विशिष्ट नागरिकों के लिए कुल 500 किलोग्राम आम भेजे हैं. जेसोर के बेनापोल (Benapole) सीमा मार्ग से 500 किलोग्राम आम कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप-उच्चायोग पहुंचाये गये. इस खेप में 100 किलोग्राम विशिष्ट आम मुख्यमंत्री के लिए हैं. बाकी 400 किलो आम दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों में सद्भावना उपहार के रूप में बांटे जायेंगे.

शेख हसीना के बाद भी जारी रही परंपरा

मौसमी आमों का आदान-प्रदान लंबे समय से भारत-बांग्लादेश कूटनीति का अभिन्न हिस्सा रहा है. पड़ोसी देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अक्सर भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए ‘इलिश (हिलसा) मछली’ और ‘आम’ को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती थीं. वे इसे नियमित रूप से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पीएम नरेंद्र मोदी को भेजती थीं. वर्ष 2024 में तख्तापलट के दौरान इस परंपरा में ब्रेक लगा था, लेकिन वर्तमान मोहम्मद यूनुस प्रशासन और अब नयी सरकार ने भी इस कूटनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया है.

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शुभेंदु अधिकारी का सख्त रुख और ताजा विवाद

बांग्लादेश की इस मैंगो डिप्लोमेसी पर इस बार विशेष चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालने के बाद से ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपना रखा है. उन्होंने राज्य में ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचानो, हटाओ और निकालो) की नीति को सख्ती से लागू करने की घोषणा की है, जिससे बांग्लादेश के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर खासी कड़वाहट देखी जा रही थी.

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Mango Diplomacy: बीएसएफ-बीजीपी में हुई थी झड़प

बांग्लादेश के नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संस्थापक संयोजक नाहिद इस्लाम सहित कई राजनेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के बयानों की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने आरोप लगाया गया था कि बंगाल के सीएम ने बांग्लादेश को लेकर आक्रामक टिप्पणियां की थीं और अवैध घुसपैठियों को वापस धकेलने की चेतावनी दी थी. इस कड़े रुख के कारण भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच सीमा पर डिपोर्टेशन ड्राइव को लेकर झड़प और गतिरोध देखने को मिला था.

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