मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज की घटना पर जेपीडी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

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पत्र में लिखा गया है कि सिजेरियन सेक्शन से गुजरने वाले कई रोगियों को घटिया सरकारी आपूर्ति वाले रिंगर लैक्टेटेड सेलाइन (आरएल) को चढ़ाने कारण प्रसूताओं की हालत हालत गंभीर हुई है.

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कोलकाता. मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में शुक्रवार की सुबह एक्सपायर्ड सेलाइन चढ़ाने से एक गर्भवती की मौत हो गयी. इस घटना की ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स (जेपीडी) की ओर से कड़ी निंदा की गयी है. चिकित्सकों ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में लिखा गया है कि सिजेरियन सेक्शन से गुजरने वाले कई रोगियों को घटिया सरकारी आपूर्ति वाले रिंगर लैक्टेटेड सेलाइन (आरएल) को चढ़ाने कारण प्रसूताओं की हालत हालत गंभीर हुई है. चिकित्सकों ने अपने पत्र में लिखा है कि यह खटना प्रशासन की विफलता है, बल्कि रोगी सुरक्षा का भी उल्लंघन है. ऐसे चिकित्सकों ने इस संगठन घटना को अत्यंत गंभीरता के साख लिये जाने की अपील की है. उधर, मेडिकल सर्विस सेंटर की ओर से भी इस घटना की निंदा की गयी है. संगठन के राज्य सचिव डॉ विप्लव चंद्रा ने 10 जनवरी को एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर बताया कि स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने दवा की आपूर्ति रद्द करने की घोषणा की थी पर इसके बाद भी मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में क्यों इस सेलाइन की आपूर्ति की जा रही थी. यह घटना नृशंस हत्या है. मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज की घटना में तत्काल न्यायिक जांच कराई जाए और स्वास्थ्य भ्रष्टाचार के दोषियों को कड़ी सजा दी जाये.

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