बंगाल के सरकारी कर्मियों का इंतजार खत्म, डीए मामले में सुप्रीम कोर्ट आज देगा फैसला

Author Ashish Jha
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DA Case in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कुल 26 बार DA मामलों की सुनवाई की है. इन 26 सुनवाईयों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाने जा रहा है. न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति पीके मिश्रा की पीठ आज फैसला सुनाएगी.

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DA Case in Supreme Court: कोलकाता : सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को बहुप्रतीक्षित लंबित महंगाई भत्ता मामले में अपना फैसला सुनाने जा रहा है. यह फैसला गुरुवार को सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट की बेंच नंबर 11 में सुनाया जाएगा. डीए मामले की सुनवाई 2022 से कुल 26 दिनों तक चली. सुनवाई 8 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई. उसी दिन फैसला सुरक्षित कर दिया गया. मामले की पहली सुनवाई 28 नवंबर, 2022 को हुई थी. इस मामले में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा. जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, न्यायाधीश कई बार बदले. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाने जा रहा है. न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति पीके मिश्रा की पीठ आज फैसला सुनाएगी.

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लंबे समय से लंबित है मामला

लंबे समय से बंगाल सरकार के कर्मचारियों के बकाया दैनिक वेतन (डीए) से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. 16 मई को अदालत ने बंगाल सरकार को चार सप्ताह के भीतर बकाया दैनिक वेतन का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया था, लेकिन अदालत के आदेश का पालन नहीं किया गया. बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में छह महीने का और समय मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया. अंततः, सुप्रीम कोर्ट में डीए मामले की सुनवाई 8 सितंबर को पूरी हुई. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाने वाला है.

अब तक हुई कुल 26 सुनवाई

22 सितंबर, 2022 को न्यायमूर्ति हरीश टंडन और रवींद्रनाथ सामंता की खंडपीठ ने महंगाई भत्ता (डीए) पर फैसला सुनाया. उस फैसले में बंगाल सरकार को बकाया महंगाई भत्ता (डीए) का भुगतान करने का निर्णय लिया गया. बंगाल सरकार ने उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक एसएलपी (SLP) दायर की. उसी के आधार पर राज्य ने नवंबर में अपनी पहली याचिका दायर की।फिर दिसंबर आया, और तब से सुप्रीम कोर्ट ने कुल 26 बार DA मामलों की सुनवाई की है. इन 26 सुनवाईयों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं.

मामले में है कई कानूनी पेचीदगियां

सर्वोच्च न्यायालय ने 16 मई को बंगाल सरकार को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा 22 सितंबर, 2022 को दिए गए फैसले के अनुसार, कम से कम 6 सप्ताह के भीतर बकाया महंगाई भत्ता (डीए) राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया. फिर, राज्य के आवेदन में यह कहा गया कि राज्य सरकार बकाया महंगाई भत्ता (डीए) की 25 प्रतिशत राशि का भुगतान निश्चित रूप से करेगी, लेकिन राज्य को प्रक्रियात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. राज्य का कहना है कि अगर राज्य सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा जीत जाता है, तो उसे पैसा वापस कैसे मिलेगा? उस मामले में कई कानूनी पेचीदगियां हैं, इसलिए राज्य अपने पैसे का 25 प्रतिशत सुप्रीम कोर्ट में जमा कर रहा है.

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