पश्चिम बंगाल : बारुईपुर दुष्कर्म के आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत, मां ने शव लेने से किया इनकार

पश्चिम बंगाल में एनकाउंटर
Baruipur Encounter : बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है. पुलिस ने दावा किया है कि अपराध के पुनर्निर्माण के दौरान प्रभास ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद यह घटना हुई.
Baruipur Encounter : बारुईपुर: बारुईपुर दुष्कर्म और हत्या के मामले का एक आरोपित पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है. आरोपित प्रभास मंडल की पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई. पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म-हत्या की घटना के पुनर्निर्माण के दौरान उसने भागने की कोशिश की. आरोपी प्रभास ने पुलिस की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर गोली चला दी. इसके बाद वह भागने लगा. पुलिस ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ने की कोशिश की. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई भी की. प्रभास को गोली लगी. जब उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बारुईपुर मामले में गिरफ्तार होने वाला पहला आरोपी प्रभास मंडल था.
कल देर रात की घटना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कल रात लगभग 12:45 बजे पुलिस ने गिरफ्तार प्रभास मंडल को घटना के पुनर्निर्माण के लिए बारुईपुर ले गई थी. गाड़ी से उतारते ही प्रभास ने किसी तरह पुलिस की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली. उसने गोली चलाई और भागने की कोशिश भी की. पुलिस का दावा है कि भागने की कोशिश के दौरान प्रभास मंडल को गोली लगी. घायल अवस्था में प्रभास को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
प्रभास की मां ने शव लेने से किया इनकार
आरोपित प्रभास की मां कहती हैं-दो पुलिसकर्मी मेरे घर आए थे. मैं उसी समय जाग उठी थी. उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बेटा मर गया है, तो क्या मैं अस्पताल जाना चाहूंगी? मैंने उनसे कहा कि वो नहीं जा सकती क्योंकि उसके पति बीमार हैं. प्रभास की मां ने कहा- मैंने उनसे कहा कि वे जो चाहें करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मेरे बेटे को उसके किए की सजा मिल चुकी है. मैं उसका शव स्वीकार नहीं करूंगी. मैं उसका शव अपने घर वापस नहीं लाऊंगी. उसने कुछ भी अच्छा नहीं किया था. उसने गलत किया और उसे उसकी सजा मिल चुकी है. उसे मार डालो या जो चाहो करो. मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मैं उसका शव स्वीकार नहीं करूंगी.
सबसे पहले प्रभास की हुई थी गिरफ्तारी
बारुईपुर मामले में सबसे पहले प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया गया था. उनसे पूछताछ की गई और कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रभास मंडल के बयान बार-बार विरोधाभासी पाए गए. प्रभास ने पुलिस को बार-बार गुमराह करने की कोशिश की. वह पुलिस को ऐसी जानकारी दे रहा था, जिससे लगे कि वह पूरी घटना के लिए जिम्मेदार नहीं है और इसमें अन्य लोग शामिल हैं.
प्रभास ने बतायी 10 हजार रुपये की बात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रभास ने बताया कि उसे नाबालिग लड़की को 10 हजार रुपये का लालच देकर वापस लाने के लिए कहा गया था. प्रभास ने यह भी बताया कि नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने के बाद उसके शव को एक बैग में डालकर तालाब में फेंक दिया गया था. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि नाबालिग लड़की को संभवतः बेहोशी की हालत में बोरी में भरकर तालाब में फेंका गया था.
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शव फेंकते वक्त मौजूद था प्रभास
प्रभास ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि जब शव फेंका गया था तब वह वहीं मौजूद था. प्रभास और अन्य गिरफ्तार लोगों की पुलिस स्टेशन के अंदर पुलिस से बातचीत का एक वीडियो पहले ही वायरल हो चुका है. बारुईपुर में हुई इस क्रूर घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सबसे पहले प्रभास मंडल को पकड़ा. पता चला है कि शांतनु मंडल नाम के एक स्थानीय भाजपा नेता ने प्रभास को थप्पड़ मारकर पुलिस के हवाले कर दिया था. प्रभास मंडल को तालाब से ले जाते हुए एक वीडियो भी सामने आया है.
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By Ashish Jha
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