70 साल बाद डॉ श्यामा प्रसाद का सपना हुआ पूरा : सुरेश सोनी

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आरएसएस के सह सरकार्यवाह ने मोदी सरकार के फैसले को सराहा कहा : हम वर्षों से चाहते थे कि पूरे देश का एक हो संविधान सुरेश सोनी पहुंचे बेलूड़ मठ, स्वामी स्मरानंदजी महाराज से लिया आशीर्वाद हावड़ा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद […]

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आरएसएस के सह सरकार्यवाह ने मोदी सरकार के फैसले को सराहा

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कहा : हम वर्षों से चाहते थे कि पूरे देश का एक हो संविधान
सुरेश सोनी पहुंचे बेलूड़ मठ, स्वामी स्मरानंदजी महाराज से लिया आशीर्वाद
हावड़ा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद धारा 370 को रद्द करने के केंद्र सरकार के फैसले का खुलकर समर्थन किया है. आरएसएस के सह सरकार्यवह सुरेश सोनी ने मंगलवार को कहा : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिसके लिए अपना जीवन बलिदान दिया था.
70 साल बाद उनका सपना पूरा हुआ. वह हमेशा चाहते थे कि पूरे देश में संविधान एक हो. श्री सोनी मंगलवार को बेलूड़ ग्रंथागार में प्रज्ञा प्रवाह की दक्षिण बंगाल शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ इंद्रजीत सरकार द्वारा लिखित ‘अमर भारत, अजेय भारत’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के अवसर पर ये बातें कहीं.
उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा: आज भारत का इतिहास म्यूजियम में चला गया है. नैतिक मूल्य गिर गया है. भूखवाद बढ़ गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी भारत मरा नहीं है. श्री सोनी ने कहा कि हिंदू संस्कृति जीवित संस्कृति हैं, इसलिए भारत अमर है और अमर रहेगा. उन्होंने कहा : अगर आप भी भारत की संस्कृति को जानना चाहते हैं, तो स्वामी विवेकानंद को पढ़ने और जानने की जरूरत है. उनकी पुस्तक पढ़ने के बाद निश्चित तौर पर आपको भारतीय होने का गर्व होगा. उन्होंने कहा: भारत में विद्धानों की कमी नहीं है, लेकिन अफसोस यह है कि उनका गुरुत्वाकर्षण केंद्र भारत के बाहर है. यह हम भारतीयों के लिए चिंता की बात है. उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद चार वर्षों तक विदेश में थे. इसी दौरान उन्होंने शिकागो में भाषण दिया था.
चार वर्ष के बाद जब वह भारत लौट रहे थे, तभी विदेशी मित्रों ने स्वामी से पूछा था कि आप लंबे समय बाद भारत लौट रहे हैं. कैसा लग रहा है आपको ? स्वामी जी ने जबाव में कहा कि विदेश आने के पहले मैं अपने देश से प्यार करता था, लेकिन अब भारत की धरती मेरे लिए तीर्थ स्थान है. वह भारत पहुंचे और यहां की मिट्टी को अपने बदन में लगाया था. लेखक इंद्रजीत सरकार ने कहा कि इस पुस्तक में नवीन भारत और प्राचीन भारत की जानकारी दी गयी है.
साथ ही पुस्तक में आध्यत्मिक प्रतिभा, विद्या प्रतिभा, कला प्रतिभा, राजनैतिक प्रतिभा, नारी प्रतिभा के उल्लेख किये गये हैं. मौके पर बतौर अतिथि आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी सदस्य जे नंद कुमार, रामकृष्ण विवेकानंद विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष स्वामी आत्माप्रियनंद जी महाराज, दक्षिणेश्वर मंदिर कमेटी के सचिव कुशल चौधरी सहित अन्य अथिति भी उपस्थित थे. बाद में श्री सोनी सहित आरएसएस के पदाधिकारियों ने रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी स्मरानंदजी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया.
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