हेस्टिंग्स सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी, पूजा पंडाल में दिखेगा मां दुर्गा का त्रिनेत्र

Updated:
विज्ञापन

कोलकाता :दक्षिण कोलकाता की हेस्टिंग सार्वजनिक दुर्गा पूजा इस वर्ष अपना 50 वर्ष पूर्ण कर रही है. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वे पूजा के माध्यम से जागरूकता व सामाज सेवा के कार्यों को बढ़ावा देगी. कमेटी के सचिव ब्रिजेश साव ने बताया कि वह कमेटी के माध्यम से सालभर गरीब बच्चों की […]

विज्ञापन

कोलकाता :दक्षिण कोलकाता की हेस्टिंग सार्वजनिक दुर्गा पूजा इस वर्ष अपना 50 वर्ष पूर्ण कर रही है. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वे पूजा के माध्यम से जागरूकता व सामाज सेवा के कार्यों को बढ़ावा देगी. कमेटी के सचिव ब्रिजेश साव ने बताया कि वह कमेटी के माध्यम से सालभर गरीब बच्चों की शिक्षा पर कार्य करते हैं. इस वर्ष उनके पंडाल का विषय दृश्यम है, जिसका संबंध दृष्टि से है. दृष्टी से जो चीजें हम देखते हैं. उसे ही मन में कल्पना करते हैं और लम्बे समय तक याद रखते हैं.

विज्ञापन

दृष्टि के बिना हमारा पूरा जीवन ही अंधकारमय हो जाता है. मुख्य मूर्तिकार भास्कर घोष ने बताया कि दुर्गा मां की प्रतिमा के पीछे 108 माता की आंखे बनी रहेंगी, जिसमें सभी आखों की विशेषताएं बताने का प्रयत्न किया जाएगा. दुर्गा मां के छह रूपों की प्रतिमा भी होगी जो मिट्टी की बनी रहेगी पर उसे स्वर्ण रंग में व पीतल की भांति दर्शाया जाएगा.

कोलकाता. टॉलीगंज थाना अंर्तगत मुदियाली क्लब की दुर्गापूजा 84 वर्ष में प्रवेश कर चुकी है. यहां इस बार बंगाल की लोक कला से प्रेरित ढोकरा आर्ट देखने मिलेगी. इस पंडाल को चार महीने से 50 श्रमिक दिन रात बनाने में लगे हुए हैं. कमेटी के सदस्य मनोज साव ने बताया कि डोकरा आर्ट पीतल के ऊपर की जाती है, लेकिन उसे पंडाल का रूप देने में पांच करोड़ से भी अधिक खर्च आता तो कमेटी ने रबर के ऊपर पीतल का रंग चढ़ा कर यह कारीगरी करने का फैसला किया. डिजाइन इतनी बारीकी से की गयी है कि कोई भी व्यक्ति देखकर अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह रबर के ऊपर की गयी है. इलाके के लोग पूजा पंडाल को लेकर काफी उत्साहित हैं.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola