कोयलांचल में बनेंगे 363 कुएं

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आसनसोल-रानीगंज कोयलांचल में स्थित मिथेन गैस के भंडार का दोहन कर रही इस्सार ऑयल व गैस कंपनी ने गैस दोहन की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है. चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक इसकी दोहन क्षमता में दोगुना से अधिक वृद्धि करने तथा वित्तीय वर्ष 2017-18 के समापन पर इसे तीन सौ प्रतिशत तक बढ़ाने […]

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आसनसोल-रानीगंज कोयलांचल में स्थित मिथेन गैस के भंडार का दोहन कर रही इस्सार ऑयल व गैस कंपनी ने गैस दोहन की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है. चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक इसकी दोहन क्षमता में दोगुना से अधिक वृद्धि करने तथा वित्तीय वर्ष 2017-18 के समापन पर इसे तीन सौ प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना है. कंपनी राजमहल कोयलांचल में भी अपना प्रोजेक्ट शुरू कर रही है.
आसनसोल : एस्सार ऑयल एंड गैस कंपनी ने रानीगंज कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट से गैस दोहन की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (दोहन व उत्पादन) मनीष महेश्वरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में 3300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है तथा चालू वित्तीय वर्ष में कुआं की संख्या तीन सौ से बढ़ा कर 363 किया जाना है.
सनद रहे कि रानीगंज व आसनसोल कोयलांचल से इस कंपनी के अलावा द ग्रेट इस्टर्न इनर्जी कॉरपेरेशन कंपनी भी मिथेन गैस का व्यवसायिक उत्पादन कर रही है.
इस्सार ऑयल व गैस कंपनी के सीइओ (दोहन व उत्पादन) श्री महेश्वरी ने कहा कि इस समय रानीगंज प्रोजेक्ट से 0.85 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन (एससीएमडी) गैस का दोहन हो रहा है.
लेकिन कंपनी इस दोहन क्षमता में इजा फा करना चाहती है. चालू वित्तीय वर्ष तक गैस का दोहन बढ़ा कर 1.8 एससीएमडी करने की योजना बनायी गयी है. इसके लिए मार्च, 2017 तक प्रोजेक्ट के कुओं की संख्या तीन सौ बढ़ा कर 363 करने की योजना है. वित्तीय वर्ष 2017-18 तक दोहन क्षमता को बढ़ा कर 2.5 एससीएमडी किया जायेगा. अभी तक इस प्रोजेक्ट में 3300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है.
अतिरिक्त निवेश का भी निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत 266 कुएं फेस्टड तक है, जबकि 247 कुओं का निर्माण पूरा हो चुका है. इनके साथ ही 175 कुएं एक्टिव डी-एबजॉर्बशन सर्किल की स्थिति में हैं. इसके लिए 260 एक ड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है. कंपनी के पास पांच सौ वर्ग किलोमीटर गैस दोहन की अनुमति हासिल है.
कंपनी ने पश्चिम बंगाल के साथ ही साथ झारखंड के राजमहल इलाके में भी मिथेन गैस बेड से गैस का दोहन करने का निर्णय लिया है. इसके लिए भारत सरकार से अनुमति मिल चुकी है. आगामी पांच सालों में वहां से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जायेगा. जमीन अधिग्रहण की भी मंजूरी मिल गयी है तथा प्रारंभिक चरण में बीस बोर होल करने की योजना है.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के सीमावर्त्ती इलाके में स्थित सुहागपुर मिथेन गैस बेड तथा उड़ीसा के तालचर व आइबी वैली स्थित मिथेन बेड से गैस दोहन की योजना है. सभी पर कार्य शुरू हो गया है.
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