सरस्वती पूजा को लेकर बाजारों में छायी रौनक

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महंगाई पर आस्था भारी आसनसोल : बसंत पंचमी पर विद्यादायिनी माता सरस्वती की पूजा अर्चना को लेकर मंगलवार को शिल्पांचल के शहर से लेकर गांव तक के बाजारों में रौनक रही. मंगलवार को आसनसोल बाजार में भारी गहमा-गहमी देखी गयी. आसनसोल के गिरजा मोड़, पोस्ट ऑफिस मोड़, आसनसोल बाजार, टीपी मार्केट, सफी मोड़ के किनारे […]

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महंगाई पर आस्था भारी

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आसनसोल : बसंत पंचमी पर विद्यादायिनी माता सरस्वती की पूजा अर्चना को लेकर मंगलवार को शिल्पांचल के शहर से लेकर गांव तक के बाजारों में रौनक रही. मंगलवार को आसनसोल बाजार में भारी गहमा-गहमी देखी गयी. आसनसोल के गिरजा मोड़, पोस्ट ऑफिस मोड़, आसनसोल बाजार, टीपी मार्केट, सफी मोड़ के किनारे प्रतिमा, पूजन सामग्रियां, फल, पूजा मंडप की सजावट के लिए लाइट एवं झालरों की खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही.

आसनसोल के बाजार में छोटे, बड़े, मंझोले हर आकार की प्रतिमाएं देखने को मिलीं. छोटी प्रतिमाएं एक सौ से लेकर तीन सौ रुपये, मध्यम आकार की प्रतिमाएं तीन सौ से दो हजार, बड़े आकार की प्रतिमाएं तीन हजार से लेकर पांच हजार तक में कारीगरों द्वारा बिक्री की गयी.

टीपी मार्केट के निकट प्रतिमा निर्माण कर रहे शिल्पकार ने कहा कि महंगाई के कारण रंग रोगन और प्रतिमा निर्माण की अन्य सामग्रियों के मूल्य बढ़ने के कारण प्रतिमा के निर्माण की लागत बढ़ी है. इसके बावजूद प्रतिमा की बिक्री पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पांच फीसदी ज्यादा मूर्तियां बिक चुकी हैं. आसनसोल स्थित एक स्कूल से प्रतिमा और पूजन सामग��री खरीदने आये प्रतिनिधियों ने कहा कि इस वर्ष सभी पूजन सामग्रियों व अन्य चीजों में मामूली बढोत्तरी हुई है. श्रद्धा के आगे महंगाई कोई मायने नहीं रखती है.

आसनसोल के फल मंडी में सेब 70 रुपये प्रति किलो, संतरा 80 रुपये, केला तीन सौ से पांच सौ रुपये कांधा, बेर 50 रुपये, गाजर 40 रुपये, खीरा 40 रुपये, शकरकंद 40 रुपये, सरबतिया आलू 45 रुपये, डाब 20 से 30 रुपये प्रति पीस, नारियल 20 से 30 रुपये प्रति पीस बेचे गये. स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के साथ ही सामाजिक संगठनों एवं क्लबों की ओर से चौक चोराहों एवं कॉलोनियों में भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है. हर संस्थान की ओर से बेहतर पूजा मंडप सजावट एवं आकर्षक साज-सज्जा का प्रयास कर कुछ अलग करने का प्रयास किया जा रहा है.

कई क्लबों में आकर्षक पूजा मंडपों के साथ सजावट के थीम पर सीमा पर तैनात सैनिक, आजादी के परवाने, सफाई, आपसी एकता एवं भाईचारा, चंद्रयान आदि की झांकियां बनायी जा रही हैं. आसनसोल बाजार स्थित एक पूजा समिति ने कहा कि इस बार पूजा बजट के साथ लाइट, सजावट एवं विसर्जन के बजट को बढ़ाया गया है. क्लबों के बीच बेहतर करने को लेकर भारी स्पर्धा है.

पहले सादगी के साथ पूजा मंडप और प्रतिमा के साथ पूजा की जाती थी. लेकिन अब प्रत्येक संगठन और क्लब धूमधाम से अलग से पूजा थीम, विशेष सजावट, रंग बिरंगे झूमर, एलईडी लाइट, विसर्जन पर डीजे के साथ मैदान में हैं. क्लबों की ओर से दो से तीन दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

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