डेंगू से हुई मौत के बाद भी नगर निगम प्रशासन सफाई को लेकर उदासीन

Updated at : 18 Dec 2019 2:30 AM (IST)
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डेंगू से हुई मौत के बाद भी नगर निगम  प्रशासन सफाई को लेकर उदासीन

वार्ड 56 में 15 हजार की आबादी पर 11 सफाई कर्मी तैनात पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने पर सड़कों पर फैल रहा गंदा पानी, कूड़ेदान नहीं होने से चारों ओर गंदगी आसनसोल : नगर निगम क्षेत्र में डेंगू से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद भी इलाकों में सफाई को लेकर कुछ […]

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वार्ड 56 में 15 हजार की आबादी पर 11 सफाई कर्मी तैनात

पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने पर सड़कों पर फैल रहा गंदा पानी, कूड़ेदान नहीं होने से चारों ओर गंदगी
आसनसोल : नगर निगम क्षेत्र में डेंगू से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद भी इलाकों में सफाई को लेकर कुछ भी ठोस कार्रवाई आरम्भ न होने से ननि क्षेत्र के लोगों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है. वार्ड संख्या 56 में जल निकासी और कूड़ेदान की व्यवस्था न होने के कारण हर क्षेत्र में गंदगी की भरमार है.
15 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में वागन कॉलोनी, पंजाबीपाड़ा, स्वीपर कॉलोनी, शारदा पल्ली, राधानगर तालपुकरिया, बाउरीपाड़ा, अखाड़ा, रेलगेट, खटाल, राधानगर, आनंदनगर आदि इलाको की स्थिति दयनीय है. सिर्फ ग्यारह सफाई कर्मी के जिम्मे पूरे वार्ड की सफाई है. वार्ड की पार्षद ने दावा किया कि इलाके में सफाई के लिए सिड्यूल के आधार पर नियमित कार्य होता है, जमीन हकीकत विल्कुल इसके उलट है.
आंखों देखी
वार्ड संख्या 56 के वैगन कॉलोनी में पंपू तालाब से लगे इलाके में नालियां जर्जर हो गयी हैं. नाली का पानी सड़क पर फैला हुआ है. जिसमें आवारा पशु घूमते हैं. तालाब में मरे हुये जानवरों के फेंक देने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैला हुआ है. माटीपाड़ा में कूड़ेदान की कमी के कारण लोग कूड़े को खाली जगहों में फेंक देते हैं. जिसके कारण जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है.
क्या कहना है स्थानीय लोगों का
राधानगर आंनदनगर निवासी शांति देवी ने बताया कि सफाई कर्मी तो नियमित आते हैं. लेकिन ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं होने के कारण मच्छरो का प्रकोप बढ गया हैं. कभी-कभी फॉगिंग मशीन का उपयोग सिर्फ मुख्य सड़क पर ही किया जाता है. शाम के छह बजे के बाद से घर के बाहर बैठना मुश्किल हो जाता हैं.
माटीपाड़ा निवासी बबीता प्रसाद ने बताया कि इलाके के फुटबॉल ग्राउंड के पीछे जब से ड्रेन बनाया गया है. तब से ही उसकी सफाई नहीं की गयी. नालियों में गंदा पानी के सड़ने के कारण मच्छर बहुत बढ गये हैं. शाम के समय दरवाजा, खिड़की बन्द कर रखना पड़ता है. दरवाजा, खिड़की खुलते ही मच्छरों के हमला हो जाता है. गंदगी के कारण गली में लोगों को आवाजाही करने में परेशानी होती है.
शारदा पल्ली निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि वैगन कॉलोनी पंपू तालाब संलग्न इलाके में जल जमाव और गंदगी के कारण मच्छर का लार्वा पनपता रहता हैं. नगर निगम के द्वारा कीटनाशक स्प्रे और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सही तरीके से नहीं होने से हर वक्त बीमारी की आशंका बनी रहती है.
लॉअर छिन्नमस्ता निवासी मनोरंजन चटर्जी ने बताया कि नालियों की सफाई तो नियमित रूप से होती हैं. लेकिन ब्लीचिंग पाउडर व फॉगिंग गैंस का छिड़काव ठीक से नहीं होता है.
क्या कहती हैं पार्षद
वार्ड 56 के पार्षद ममता मंडल ने बताया कि वार्ड की जनसंख्या 15 हजार है. वार्ड में कुल 11 सफाई लगातार नियमित रूप से सिड्यूल के अनुसार इलाके में सफाई करते हैं. एक दिन के अंतराल पर प्रत्येक इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाता हैं. कूडेंदानों की सफाई के लिये नियमित गाड़ी आती हैं. घरों से कूड़ा लेकर आने के लिये भी सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गयी है.
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