सारधा चिटफंड मामला : मुकुल राय ने मांगा 15 दिन का समय, सीबीआइ ने किया इन्कार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने सारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में सीबीआइ के समक्ष पेश होने के लिए आज 15 दिन का समय मांगा लेकिन जांच एजेंसी ने कहा कि इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता. राय ने पीटीआइ से कहा, मैं जब दिल्ली में था तो मैंने […]
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने सारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में सीबीआइ के समक्ष पेश होने के लिए आज 15 दिन का समय मांगा लेकिन जांच एजेंसी ने कहा कि इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता.
राय ने पीटीआइ से कहा, मैं जब दिल्ली में था तो मैंने सीबीआइ से इस बात की पुष्टि की थी कि मैं उसके समक्ष पेश होउंगा लेकिन तब तक पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर उप चुनाव घोषित नहीं हुए थे. उन्होंने कहा, चूंकि मैं पार्टी का एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी हूं और चुनाव में व्यस्त रहूंगा, इसलिए मैंने सीबीआइ से 15 दिन का समय मांगा. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इस बारे में सीबीआइ को अवगत करा दिया है, राय ने कहा, मैंने सीबीआइ के उस अधिकारी को फोन किया, जिसने मुझसे एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था. मैंने उन्हें लिखा भी है और एक फैक्स संदेश भी भेजा है. उन्होंने कहा कि वह सीबीआइ की जांच में उसके साथ 100 प्रतिशत सहयोग देंगे.
सीबीआइ ने राय को सोमवार को उसके समक्ष पेश होने को कहा था और उस समय वह दिल्ली में थे. चुनाव आयोग ने बोगांव संसदीय क्षेत्र एवं कृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए उप चुनाव की कल घोषणा की थी.
सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा ने कहा कि वह समय नहीं बढायेगी. सीबीआइ की विशेष शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि राय के लिए समय नहीं बढाया जायेगा. उन्हें कल ही एजेंसी के समक्ष पेश होना पडेगा जैसा कि उन्होंने स्वयं पहले कहा था. सीबीआइ अधिकारी ने कहा, उनके लिए समय बढाना हास्यास्पद होगा क्योंकि वह स्वयं ही कह चुके हैं कि वह कल सीबीआइ के समक्ष पेश होंगे. उन्हें कल ही पेश होना होगा जैसा कि वह पूर्व में कह चुके हैं.
इधर, तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी महासचिव मुकुल रॉय को सीबीआइ द्वारा सारदा चिटफंड घोटाले मामले में जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने को कहे जाने के मद्देनजर पार्टी से हटाने से आज इंकार किया. साथ ही भाजपा पर पार्टी के खिलाफ जांच एजेंसी का राजनैतिक औजार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
तृणमूल कांग्रेस महासचिव और राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीबीआइ के आचरण के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पार्टी ने सीबीआइ के पूर्व अतिरिक्त निदेशक और ममता बनर्जी सरकार में अब मंत्री उपेन विश्वास को सीबीआइ के संबंध में पार्टी को सलाह देने की जिम्मेदारी सौंपी है.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, सवाल (रॉय को हटाने का) ही नहीं उठता. वह पार्टी के (अखिल भारतीय) महासचिव और (राज्यसभा) सदस्य बने रहेंगे. सिर्फ इसलिए कि किसी को (सीबीआइ ने) बुलाया है क्या उसे हटा दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, भाजपा (सीबीआइ का) राजनैतिक प्रतिशोध के लिए इस्तेमाल कर रही है. प्रताड़ित करने और डराने-धमकाने की साजिश के तहत सूचना पहले से ही दी जा रही है.सीबीआइ के आचरण को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं.
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