सारधा घोटाला: आतंकित सीबीआइ ने मांगी सुरक्षा

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सारधा घोटाला मामले में गिरफ्तार राज्य के परिवहन व खेल मंत्री मदन मित्र को पुन: मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाना है. पिछली पेशी के दौरान मची अफरा-तफरी को लेकर पहले से ही चिंतित सीबीआइ के अधिकारियों की चिंता इस सूचना के बाद और बढ़ गयी है कि महानगर में किसी भी आयोजन के […]

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सारधा घोटाला मामले में गिरफ्तार राज्य के परिवहन व खेल मंत्री मदन मित्र को पुन: मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाना है. पिछली पेशी के दौरान मची अफरा-तफरी को लेकर पहले से ही चिंतित सीबीआइ के अधिकारियों की चिंता इस सूचना के बाद और बढ़ गयी है कि महानगर में किसी भी आयोजन के दौरान अनियंत्रित भीड़ का लाभ उठा कर अलगाववादी तत्व गड़बड़ी फैला सकते हैं. इस सूचना के बाद सीबीआइ की ओर से पत्र लिख कर कोलकाता पुलिस से विशेष सुरक्षा की मांग की गयी है. मंगलवार को महानगर में भीड़ से संबंधित कई आयोजन प्रस्तावित हैं.

सारधा घोटाले की जांच में बाधा का आरोप लगाते हुए वाम मोरचा ने धर्मतल्ला से नये सचिवालय ‘नवान्न’ तक जुलूस निकालने की घोषणा कर रखी है. धर्मतल्ला इलाके में ही सेना का विजय दिवस समारोह प्रस्तावित है. 1971 में पाकिस्तान पर जीत की यादगार के तौर पर यह आयोजन प्रतिवर्ष होता रहा है. ऐसे में पुलिस के लिए हर जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करना और चौकसी बरकरार रखने की एक बड़ी चुनौती होगी. कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहने की घोषणा की है.

कोलकाता: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) अपने अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. जांच एजेंसी ने पुलिस को पत्र लिख कर सारधा चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार राज्य के परिवहन और खेल मंत्री मदन मित्र की मंगलवार को अलीपुर कोर्ट में होने वाली पेशी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है. परिवहन मंत्री को मंगलवार को अलीपुर कोर्ट में पेश किया जायेगा. उनकी सीबीआइ हिरासत की अवधि मंगलवार को खत्म हो रही है. मदन मित्र को सीबीआइ ने पिछले शुक्रवार को गिरफ्तार किया था. शनिवार को उन्हें अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 16 दिसंबर तक के लिए सीबीआइ हिरासत में भेज दिया. लेकिन इस दौरान अदालत परिसर में परिवहन मंत्री की गिरफ्तारी के विरोध में जमकर बवाल काटा था. तृणमूल समर्थक बैरिकेडिंग तोड़ कर कोर्ट परिसर में घुस गये. पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की. सीबीआइ अधिकारियों और पत्रकारों से धक्का-मुक्की की गयी.

शनिवार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सीबीआइ ने कोलकाता पुलिस आयुक्त सुरजीत कर पुरकायस्थ और विधाननगर कमिश्नरेट के आयुक्त राजीव कुमार को पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की है. लालबाजार पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता सीबीआइ यूनिट की तरफ से पत्र भेजा गया है. अदालत में पेशी के दौरान आरोपी के अलावा सीबीआइ अधिकारियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की बात कही गयी है. इसके अलावा कोर्ट परिसर के अंदर व बाहर जगह खाली रखने को कहा गया है. इस पत्र के मिलने बाद विधाननगर कमिश्नरेट के अधिकारी बताते हैं कि सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स के बाहर पुलिस फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गयी है. इसके अलावा सफेद पोशाक में भी पुलिस फोर्स को अधिक संख्या में तैनात किया जायेगा. इसके अलावा मंगलवार सुबह से ही सीबीआइ मुख्यालय के पास सुरक्षा और भी बढ़ा दी जायेगी.

वहीं इस पत्र के बारे में कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) राजीव मिश्र ने बताया कि हमें सीबीआइ की चिट्ठी मिली है. पत्र मिलने के बाद एक बैठक कर अलीपुर कोर्ट के बाहर व अंदर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया. मंगलवार को अलीपुर कोर्ट परिसर में तीन डीसी के नेतृत्व में ढाई सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी.

वहीं इस मामले में अलीपुर थाने के अधिकारी बताते हैं कि मंगलवार को दिनभर अदालत के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे से पूरे हालात की निगरानी की जायेगी. पूरे मामले को सीसीटीवी कैमरे में कैद किया जायेगा. जरूरत पड़ने पर लालबाजार से अतिरिक्त फोर्स को बुला कर हालात को सामान्य किया जायेगा.

दबाव के आगे झुकेंगे नहीं

सीबीआइ की पूछताछ को लेकर परिवहन मंत्री मदन मित्र आक्रामक रुख कायम है. सोमवार शाम को सीबीआइ दफ्तर से विधाननगर इलेक्ट्रानिक कॉम्प्लेक्स थाने जाने के दौरान मदन मित्र ने कहा कि सीबीआइ चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं. किसी तरह के दबाव में वह टूटने वाले नहीं. उन्होंने सीबीआइ पर आरोप लगाया कि पूछताछ के नाम पर थाने व सीबीआइ दफ्तर में घंटों बैठा कर उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश हो रही है. इस तरह के किसी भी दबाव में वे नहीं आयेंगे.

ज्ञात हो कि इसके पहले सोमवार सुबह थाने से सीबीआइ दफ्तर लाने के दौरान भी मदन मित्र ने एक बयान दिया था. उन्होंने कहा कि सीबीआइ से निपटने के लिए हमारी दीदी ही अगली रणनीति तय करेंगी. मंत्री ने कहा कि सीबीआइ जिस तरह से पूछताछ के नाम पर उनके साथ सवाल जवाब कर रही है, इसे लेकर पार्टी की रणनीति दीदी (ममता) ही तय करेंगी. वे सीबीआइ के सवालों का हर संभव जवाब दे रहे हैं. अब सभी को संतुष्ट कर पाना उनके बस में नहीं. इस मामले की जांच में जितना सहयोग करना उनके बस में था वे सभी सहयोग कर रहे हैं.

वहीं दूसरी तरफ पिता से मिलने के लिए मदन मित्र के बेटे सीबीआइ दफ्तर पहुंचे थे. अदालत की इजाजत के बिना मिलने आने के कारण उन्हें मदन से मिलने नहीं दिया गया.

मदन मित्रा से पूछताछ में मिली जानकारी कोर्ट को देगी सीबीआइ

ज्ञात हो कि शनिवार की घटना के बाद मंगलवार को मदन मित्र को अदालत में पेश करना सीबीआइ के लिए एक कड़ी चुनौती है. सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, इसके पहले कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआइ को अपनी बातें ही नहीं रखने दिया गया था. इसके बाद अब दूसरी सुनवाई के दौरान मदन मित्र से पूछताछ में क्या-क्या खुलासा हुआ, सभी जानकारी कोर्ट को देनी होगी. ऐसे हालत में अगर इस बार भी सीबीआइ को अपनी बातें नहीं रखने दी गयी तो मामला और भी गंभीर होगा. जिसके कारण अदालत में पेशी के पहले सुरक्षा पुख्ता करने को कहा गया है.

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