कोलकाता: अपने विभाग को सही तरह से संभाल नहीं पाने के कारण व गलत बयानबाजी के लिए तीन मंत्रियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही सभी मंत्रियों को अपने विभाग में बेहतर कार्य करने की हिदायत दी थी, लेकिन गुरुवार की रात सारधा मामले में जेल में बंद तृणमूल के निलंबित सांसद कुणाल घोष ने आत्महत्या की कोशिश की, जिससे जेल विभाग की खामियों का पर्दाफाश हो गया.
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के जेल मंत्री हैदर अजीज शफी के खिलाफ अब कार्रवाई करने जा रही हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उनका मंत्रलय तक छीना जा सकता है.
हैदर अजीज शफी के साथ-साथ इस सूची में और दो मंत्री कृष्णोंदु नारायण चौधरी व सावित्री मित्र के नाम भी शामिल हैं, जिन पर गाज गिर सकती है. गौरतलब है कि पिछले दिनों मालदा जिले में एक युवती के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गयी थी और जब युवती के पिता ने बदमाशों को रोकना चाहा, तो दुष्कर्मियों ने उनकी आंख फोड़ डाली थी. इस घटना पर राज्य के खाद्य प्रसंस्करण मंत्री कृष्णोंदु नारायण चौधरी ने खूब बयानबाजी की थी. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि इस प्रकार की कोई घटना ही नहीं हुई है.
उनके इस बयान से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गये थे. हालांकि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्री व नेताओं को इस तरह के मामलों से दूर रहने की हिदायत दी थी, लेकिन कृष्णोंदु नारायण चौधरी ने मुख्यमंत्री के निर्देश को नहीं माना. इसी तरह मालदा जिले की एक और मंत्री सावित्री मित्र को भी हटाया जा सकता है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सावित्री मित्र से पहले ही मंत्रलय ले लिया था. फिलहाल उनके पास कोई विभाग नहीं है. लेकिन अब उनके मंत्री बनने की सारी उम्मीद ही खत्म होती दिख रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री उनसे मंत्री पद भी लेना चाहती हैं.