मालदा : डायन बताकर आदिवासी महिला को गांव से खदेड़ा

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मालदा : डायन कहकर एक आदिवासी महिला को गांव छोड़ने के लिए मजबूर करने का आरोप स्थानीय कुछ बदमाशों पर लगा है. आरोप है कि ओल्ड मालदा थाने में शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यह घटना ओल्ड मालदा थाना के भाबुक ग्राम पंचायत के दाड़ियाल गांव में घटी […]

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मालदा : डायन कहकर एक आदिवासी महिला को गांव छोड़ने के लिए मजबूर करने का आरोप स्थानीय कुछ बदमाशों पर लगा है. आरोप है कि ओल्ड मालदा थाने में शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यह घटना ओल्ड मालदा थाना के भाबुक ग्राम पंचायत के दाड़ियाल गांव में घटी है. परेशान महिला ने आखिरकार मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया.
मंगलवार को मानवाधिकार संगठन के अधिकारी ने गांव से निकाली गयी अदिवासी महिला को न्याय की उम्मीद से जिला पुलिस अधीक्षक अर्णव घोष से मिलवाया. पुलिस अधीक्षक ने महिला को उसके घर पर लौटाने के लिए संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिया है. पुलिस व मानवाधिकार सूत्रों से पता चला है कि दाड़ीयाल गांव की आदिवासी महिला सुमी हांसदा (33) की 18 साल पहले कमल सोरेन से शादी हुई थी.
पति बाहर काम करता है. बड़ी बेटी कल्याणी हांसदा (17) दसवीं कक्षा की छात्रा है. अन्य दो बेटियां कोयल व जानकी होस्टल में रहकर पढ़ती है. सुमी हांसदा श्रमिक का काम करती है. वह मिट्टी का मूर्ति बनाकर पूजा करती है. इसपर ग्रामी��ों को शक है कि वह डायन विद्या सीखती है. इस शक पर उसे पूजा पाठ बंद करने के लिए चेतावनी दी गयी.
नहीं मानने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गयी. आरोप है कि 28 नवंबर की शाम गांव के संतोष, शंकर व सतीश की अगुवायी में ग्रामीणों ने हसुआ, लाठी अदि लेकर महिला पर हमला बोल दिया. वह अपनी बेटी के साथ भागकर कमरे में छिपकर अपनी जान बचायी. इसी रात पीड़िता अपनी बेटी से साथ गांव से भाग गयी.
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