अब ममता के निशाने पर अर्जुन!

Published at :30 May 2014 9:45 AM (IST)
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अब ममता के निशाने पर अर्जुन!

कोलकाता: लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण मलय घटक, सावित्री मित्र तथा सुब्रत साहा पर गाज गिरने के बाद अब भाटपाड़ा के विधायक व नगरपालिका के चेयरमैन अजरुन सिंह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निशाने पर है. साथ ही स्थानीय लोगों के अनुसार तृणमूल के दो गुटों के आपसी झड़प के कारण भी तृणमूल का […]

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कोलकाता: लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण मलय घटक, सावित्री मित्र तथा सुब्रत साहा पर गाज गिरने के बाद अब भाटपाड़ा के विधायक व नगरपालिका के चेयरमैन अजरुन सिंह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निशाने पर है. साथ ही स्थानीय लोगों के अनुसार तृणमूल के दो गुटों के आपसी झड़प के कारण भी तृणमूल का एक वर्ग जो अजरुन सिंह का समर्थक माना जाता है. वह भी निशाने पर है.

हत्या सहित कई मामले में तृणमूल कार्यकर्ता व अजरुन सिंह के करीबी माने जाने वाले शिबू यादव की गिरफ्तारी के बाद टीटागढ़ थाना की पुलिस अब टीटागढ़ के तृणमूल छात्र नेता मनीष शुक्ला की तलाश में जुट गयी है. पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए मनीष शुक्ला को अंडर ग्राउंड होना पड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, शिबू यादव और मनीष शुक्ला दोनों भाटपाड़ा के विधायक अजरुन सिंह के करीबी माने जाते हैं.

लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ने बैरकपुर लोकसभा के दौरान तृणमूल प्रत्याशी दिनेश त्रिवेदी के लिए काम किया था. बताया जाता है कि भाटपाड़ा और टीटागढ़ में भाजपा को लीड मिलने के लिए तृणमूल का दूसरा गुट अजरुन सिंह से नाखुश है. आरोप है कि तृणमूल का विरोधी गुट भाटपाड़ा के विधायक अजरुन सिंह पर अप्रत्यक्ष तरीके से दबाव बनाने के लिए उनके करीबियों को गिरफ्तार करवाने में लग गया है. भाटपाड़ा में भाजपा को लीड मिलने के बारे में वहां के स्थानीय विधायक अजरुन सिंह का कहना है कि मोदी के लहर के वजह से अंचल में भाजपा को लीड मिली है. उन्होंने कहा कि पार्टी में हाल में शामिल हुए कुछ नेता उन्हें बदनाम करने के लिए उनके विरुद्ध अफवाह फैलाने में लगे हैं. उन्होंने बताया कि मनीष शुक्ला चुनाव के दिन दिनेश त्रिवेदी के साथ ही था, उस दिन तो पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं की.

चुनाव खत्म होने के बाद पार्टी में शामिल नये नेताओं के इशारों पर तृणमूल कर्मियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है. दिनेश त्रिवेदी को भाटपाड़ा इलाके में चुनाव प्रचार कम करने का मौका देने के बारे में अजरुन सिंह ने इस आरोप को गलत बताया. उन्होंने कहा कि दिनेश त्रिवेदी के साथ चुनाव प्रचार के दौरान वह हमेशा मौजूद थे. उन्होंने कहा कि तृणमूल का एक गुट उन्हें बदनाम करने में लगा हुआ है. गौरतलब है कि चुनाव के पहले मेघना मोड़ पर आकलैंड जूट मिल में दोला सेना के नेतृत्व में तृणमूल के नये श्रमिक संगठन को तृणमूल के दो गुटों में गोलीबारी में विष्णु सिंह की मौत हो गयी थी. उक्त घटना में भाटपाड़ा के विधायक अजरुन सिंह के भाई भीम सिंह को आरोपी बनाया गया है. गौरतलब है कि टीटागढ़ थाना की पुलिस ने मंगलवार को शिबू यादव को बैरकपुर के लालकुटी इलाके से 21 किलो 600 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था. अजरुन सिंह के करीबी होने के वजह से तृणमूल के एक गुट ने इस गिरफ्तारी पर आक्रोश जताया था.

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