प्रेसिडेंसी जेल में फिर कैदी ने लगायी फांसी

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कोलकाता: महानगर के प्रेसिडेंसी जेल में फिर एक कैदी ने फांसी लगाकर जान दे दी. घटना मंगलवार को प्रेसिडेंसी जेल के केबी सेल के अंदर दोपहर 3.30 बजे के बीच घटी. तत्काल उसे घटना के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक कैदी का नाम सनातन सांतरा (54) […]

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कोलकाता: महानगर के प्रेसिडेंसी जेल में फिर एक कैदी ने फांसी लगाकर जान दे दी. घटना मंगलवार को प्रेसिडेंसी जेल के केबी सेल के अंदर दोपहर 3.30 बजे के बीच घटी. तत्काल उसे घटना के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मृतक कैदी का नाम सनातन सांतरा (54) है. वह हावड़ा के श्यामपुर का रहने वाला था. 22 मार्च को अपने घर में पत्नी पर अत्याचार व उसकी हत्या के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था. प्रेसिडेंसी जेल में वर्ष 2011 के मार्च महीने से सजा की आस में था. सुनवाई के बाद अदालत ने उसे 26 फरवरी 2013 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके बाद से वह यहां दिन गुजार रहा था. मंगलवार अपने कक्ष के पास खिड़की से सटा हुआ उसका शव पाया गया. जेल कर्मियों को इसकी खबर मिलने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत बताया. घटना के बाद हेस्टिंग्स थाने की पुलिस को खबर मिलने पर शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

जेल सुपर पर कैदियों पर अत्याचार का लगा आरोप

प्रेसिडेंसी जेल में सजा काट रहे कैदियों के परिजनों का आरोप है कि इस जेल में नये सुपर नवीन साहा के आने के बाद से कैदियों पर अत्याचार बढ़ गया है. एक तरफ कानूनी लड़ाई में सजा का एलान नहीं होने के कारण कैदी वैसे ही जेलों में सजा की आस में तनाव की जिंदगी जीते है. ऊपर से जेल सुपर के वर्ताव व उनके व्यवहार के तरीके के कारण कैदी और भी मानसिक रोगी बनते जा रहे है. इसी से तंग आकर ऐसी जिंदगी से छुटकारे के लिए कुछ-कुछ कैदी ऐसा तरीका अपना रहे है.

जेल कर्मियों से उलझ पड़े कैदी

जेल सूत्रों के मुताबिक अपने एक साथी के इस तरह से जान देने की घटना के बाद जेलों में अन्य कैदी जेल कर्मियों से उलझ पड़े. कैदियों का आरोप था कि सरकार ने आजादी के बाद जेल को सुधार गृह में तब्दील किया. लेकिन वह सिर्फ कागजों में हीं सिमट कर रह गया है. यहां जेलों के अंदर कैदियों को सुधारने के लिए उनसे सही ढंग से वर्ताव करने के बजाय जेल के वरिष्ठ अधिकारी से लेकर छोटे स्तर के कर्मी भी कैदियों के साथ बुरा वर्ताव करते है. जिसके कारण वे और मानसिक तनाव में आ जाते है. इसके कारण अब खुद के लिए ऐसे कड़वे शब्द सुनने से कैदी अब बगावती तेवर अपना लेते है. या फिर इस तरह के हथकंडे अपना कर जिंदगी से छुटकारा पा लेते है.

फरवरी में भी कैदी ने लगायी थी फांसी

कैदी के परिजनों का आरोप है कि प्रेसिडेंसी जेल में जेल कर्मियों के अत्याचार व सजा मिलने में देरी से तंग आकर इसके पहले भी कैदी जान दे चुके है. गत फरवरी महीने में भी प्रेसिडेंसी जेल के अंदर ड्रग्स बेचने के आरोप में गिरफ्तार एक कैदी ने फांसी लगा ली थी. इस घटना में उसकी भी घटनास्थल में ही मौत हो गयी थी. उस समय भी कैदियों ने जेल सुपर को बदलने की मांग पर जेल में हंगामा मचाया था.

इसी महीने एक कैदी का हुआ था कत्ल

जेल सूत्रों के मुताबिक इसी जेल में इस महीने के पांच तारीख को हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी सिंह का एक अन्य कैदी ने कत्ल कर दिया था. जेलों में कैदियों की सुरक्षा अगर सही से होती तो इस तरह की घटनाएं एक के बाद एक नहीं घटती. लिहाजा प्रेसिडेंसी जेल में इस तरह की घटना लगातार घटना से जेल सुपर की भूमिका पर सवाल सिर उठाये खड़ा है.

आज सौंपी जायेगी रिपोर्ट

पूरे मामले पर राज्य के एडीजी (कारागार) अधीर शर्मा ने बताया कि मंगलवार को जेल के अंदर एक कैदी किस तरह से फांसी लगा लेता है और किसी जेल कर्मी की उस पर नजर नहीं पड़ती है. इसी कारण इस घटना के सामने आते ही डीआइजी को पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. निर्देश मिलते ही मंगलवार शाम को वे प्रेसिडेंसी जेल में गये थे और वारदात स्थल का दौरा भी किये. बुधवार को इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंपी जायेगी. इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आयेगी उसके खिलाफ शख्त कार्रवाई होगी.

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