UP Kal Ka Mausam: यूपी के 11 जिलों में बाढ़ की चेतावनी! पूर्वी-पश्चिमी UP में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी

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पूर्वी-पश्चिमी UP में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी

UP KAL KA MAUSAM: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मानसून अत्यधिक सक्रिय हो गया है. अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. 11 जिलों को बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है.

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UP Kal Ka Mausam: भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अद्यतन जानकारी के अनुसार उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र से राज्य में मानसून अत्यधिक सक्रिय हो चुका है. पिछले चौबीस घंटों के दौरान हमीरपुर तथा बांदा में भीषण वर्षा दर्ज की गई है. आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.lu

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11 जिलों पर अचानक बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के ग्यारह संवेदनशील जनपदों के लिए जलभराव तथा अचानक बाढ़ की गंभीर चेतावनी जारी की है. इस खतरे की जद में कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, महोबा, जालौन और झांसी शामिल हैं. इन क्षेत्रों के निचले भागों, खेतों और प्रमुख सड़कों पर व्यापक पानी भरने की प्रबल आशंका जताई गई है. प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है.

पूर्वी उत्तर प्रदेश का मौसम हाल

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. 28 अगस्त को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इसके बाद 31 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश का व्यापक असर देखने को मिलेगा. विशेष रूप से कानपुर, प्रयागराज, बांदा और फतेहपुर जैसे जनपदों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम हाल

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता के चलते कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पिछले 24 घंटों में हमीरपुर में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 28 अगस्त के साथ-साथ 2 और 3 सितंबर को क्षेत्र में तेज बौछारें पड़ सकती हैं. झांसी, महोबा और जालौन जैसे पश्चिमी जिलों के निचले इलाकों और सड़कों पर पानी भरने तथा जलजमाव की प्रबल आशंका जताई गई है.

आकाशीय बिजली और सुरक्षा उपाय

मौसम वैज्ञानिकों ने आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. वज्रपात के समय लोगों को खुले मैदानों, जल निकायों के निकट या ऊंचे वृक्षों के नीचे आश्रय न लेने का कड़ा परामर्श दिया गया है. खराब मौसम के दौरान पक्के और सुरक्षित मकानों के भीतर रहने की हिदायत दी गई है. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है.

किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी

भीषण बारिश और जलजमाव की आशंका को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने कृषकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. किसानों को धान, मक्का और सब्जियों जैसी खड़ी फसलों वाले खेतों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था तत्काल करने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही गीली मिट्टी में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों अथवा कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने का सुझाव दिया गया है ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके.

सितंबर की शुरुआत तक बना रहेगा असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का यह दौर सितंबर महीने के शुरुआती सप्ताह तक जारी रहेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक रूप से तेज वर्षा दर्ज होने की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी जिलों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी. लगातार हो रही इस बारिश से एक तरफ जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में सामान्य जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो सकता है.

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