उत्तर प्रदेश का नया दौर: आठ स्टार्टअप ने हासिल किया यूनिकॉर्न का दर्जा, एक और कंपनी रेस में शामिल

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CM योगी आदित्यनाथ: आठ स्टार्टअप ने हासिल किया यूनिकॉर्न का दर्जा

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UP News: उत्तर प्रदेश तेजी से तकनीक और नवाचार का केंद्र बन रहा है. राज्य की 8 कंपनियों ने 1 अरब डॉलर से अधिक का मूल्यांकन हासिल कर यूनिकॉर्न का दर्जा पाया है. देखें कैसे ये स्टार्टअप्स वैश्विक पहचान बना रहे हैं.

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UP News: उत्तर प्रदेश अब केवल अपने पारंपरिक व्यापारों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह तकनीक और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है. राज्य से उभरी आठ प्रमुख कंपनियां एक अरब डॉलर से अधिक का मूल्यांकन प्राप्त कर यूनिकॉर्न बन चुकी हैं. इसके अलावा, एक अन्य कंपनी सूनिकॉर्न श्रेणी में तेजी से आगे बढ़ रही है. आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अनुसार, इन उद्यमों को इस मुकाम तक पहुंचने में 10 से 25 वर्षों का लंबा समय लगा है.

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पारंपरिक शुरुआत से अरबों डॉलर के साम्राज्य तक

पेटीएम की शुरुआत वर्ष 2000 में हुई थी और आज यह देश के सबसे बड़े डिजिटल वित्तीय प्लेटफार्मों में गिना जाता है. दूसरी ओर, फिजिक्सवाला ने 2016 में एक साधारण यूट्यूब चैनल से अपनी यात्रा शुरू की थी और 2020 में कंपनी का रूप लिया. पाइनलैब्स 1998 से मर्चेंट कॉमर्स के क्षेत्र में काम कर रही है. वहीं, 1995 में स्थापित इंफोएज ने नौकरी डॉट कॉम के जरिए कदम बढ़ाया और बाद में वैवाहिक और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी विस्तार किया.

​विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार और वैश्विक पहचान

​मॉजलिक्स ने बी2बी ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है, जबकि इंडियामार्ट कारोबारियों को ग्राहकों से सीधे जोड़ने का कार्य करता है. रेटगेन यात्रा एवं आतिथ्य क्षेत्र को आधुनिक सॉफ्टवेयर समाधान प्रदान करता है और इनोवेसर स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में कार्य कर रहा है. इन सभी स्थापित कंपनियों के साथ-साथ रैफे एमफिन भी जल्द ही यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल करने की राह पर है. राज्य सरकार इन सभी उभरते हुए क्षेत्रों को निरंतर अपना पूरा प्रोत्साहन दे रही है.

देश का चौथा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 24,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप कार्यरत हैं, जबकि वर्ष 2017 से पहले यह संख्या केवल 120 थी. प्रदेश अब देश का चौथा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और इसके सभी 75 जिलों में कम से कम एक स्टार्टअप सक्रिय है. सरकार का मुख्य उद्देश्य एआई, डीप-टेक और हेल्थ-टेक जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के इन सभी स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाना है.

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