यूपी में चीनी की किल्लत नहीं, CM योगी ने बताया कितना है स्टॉक, जमाखोरी करने वालों पर एक्शन
CM योगी आदित्य नाथ
उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि प्रदेश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.
UP Sugar Stock : उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बाजार में चीनी के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं और कई शहरों में खुदरा कीमत 60 रुपये प्रति किलो से अधिक पहुंच गई है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सीएम योगी ने अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं. सरकार के मुताबिक प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है.
एक महीने में करीब 16 फीसदी बढ़े चीनी के दाम
चीनी की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली है. 20 अगस्त को उपलब्ध खुदरा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, यूपी के कई शहरों में चीनी का भाव करीब 67 से 68 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया. कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा और आगरा जैसे बड़े शहरों में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे घरेलू बजट के साथ-साथ चाय की दुकानों, मिठाई कारोबार, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबार पर भी लागत बढ़ने का दबाव है.
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?
चीनी की कीमत केवल बाजार की मांग पर निर्भर नहीं करती. गन्ने की उपलब्धता, चीनी मिलों का उत्पादन, बाजार में मौजूद स्टॉक, मांग और आपूर्ति का संतुलन तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति जैसे कई कारक कीमतों को प्रभावित करते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अगस्त के दौरान चीनी की कीमतों में तेजी देखी गई है. ऐसे में घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखाई दे रहा है.
यूपी की चीनी मिलों में कितना स्टॉक?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है. सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है. इस आंकड़े के आधार पर सरकार का कहना है कि प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है.
30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखा तो होगी कार्रवाई
चीनी की कीमतों में कृत्रिम तेजी रोकने के लिए सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि कोई भी व्यक्ति या कारोबारी 30 दिन से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके न रखे. इसके अलावा किसी डीलर द्वारा एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने पर भी कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एस्मा के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
48 लाख किसानों को हुआ 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान
मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों को किए गए भुगतान का भी जिक्र किया. सरकार के मुताबिक प्रदेश में करीब 48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है. वहीं, 15 अक्टूबर से गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने जा रहा है. ऐसे में सरकार का कहना है कि प्रदेश में चीनी के खत्म होने का कोई संकट नहीं है.
सरकार की नजर अब कीमतों और जमाखोरी पर
चीनी के दाम बढ़ने के बीच सरकार ने पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है. साथ ही अधिकारियों को बाजार में उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की निगरानी इस बात पर रहेगी कि पर्याप्त स्टॉक के बावजूद बाजार में चीनी की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
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