एक हफ्ते की राहत खत्म! UP में गंगा ने फिर बदला रुख, प्रयागराज से वाराणसी तक बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

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गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, बाढ़ का खतरा मंडराया

UP Flood Alert: गंगा नदी का जलस्तर एक हफ्ते की गिरावट के बाद फिर बढ़ गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

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UP Flood Alert: उत्तर प्रदेश में गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. एक सप्ताह तक घटने के बाद शनिवार सुबह वाराणसी में गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ना शुरू हुआ. रात आठ बजे यहां जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था. प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण दारागंज का दशाश्वमेध घाट डूब गया, जबकि संगम क्षेत्र में गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर परिसर तक पहुंच गया.

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वाराणसी में 68.46 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार रात आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.46 मीटर दर्ज किया गया. शुक्रवार को यह 67.76 मीटर था. वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है. रात आठ बजे प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा का जलस्तर क्रमश: तीन और 2.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. केंद्रीय जल आयोग ने अगले 48 घंटे तक वाराणसी में जलस्तर बढ़ने का अनुमान जताया है.

वरुणा के किनारे फिर बढ़ी लोगों की चिंता

गंगा में बढ़ोतरी के साथ वरुणा में दोबारा पलट प्रवाह शुरू हो गया है. इससे नालों के रास्ते बाढ़ का पानी निचले इलाकों तक पहुंचने लगा है. पुलकोहना-पुरानापुल स्थित छोटी मस्जिद इलाके में करीब आधा दर्जन मकान पानी से घिर गए हैं. सलारपुर, रसूलगढ़, खालिसपुर, चमेलिया बस्ती और डिपो कॉलोनी के निचले इलाकों में भी पानी भरने लगा है. जिन इलाकों में पिछले दिनों पानी घटा था, वहां दोबारा जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है.

पुलिस और एनडीआरएफ ने घाटों पर बढ़ाई सतर्कता

गंगा में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस और एनडीआरएफ ने पक्के घाटों के आसपास लोगों को सतर्क किया. घाटों पर टहलने और स्नान करने वालों को गहरे पानी में नहीं जाने की चेतावनी दी गई. प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की राहत चौकियों और शिविरों को भी अलर्ट कर दिया है. पश्चिमी यूपी और पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के साथ मध्य प्रदेश की नदियों में बढ़े जलप्रवाह को गंगा में दबाव बढ़ने की प्रमुख वजहों में बताया गया है.

प्रयागराज में बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी

प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. संगम क्षेत्र में गंगा का पानी रात करीब साढ़े 12 बजे बड़े हनुमान मंदिर परिसर में पहुंच गया. सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिग्विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि माताटीला बैराज, लहचूरा और मौदहा डैम से पानी छोड़ा गया है. बेतवा का करीब 1.60 लाख क्यूसेक पानी यमुना में आ रहा है.

फाफामऊ और छतनाग में भी बढ़ोतरी की संभावना

अधिकारी के अनुसार, टोंस नदी में एक मीटर से अधिक की वृद्धि से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हुआ है. नैनी में यमुना का जलस्तर करीब 1.25 मीटर बढ़ने की संभावना जताई गई है. छतनाग में गंगा के जलस्तर में करीब डेढ़ मीटर और फाफामऊ में एक मीटर तक वृद्धि की संभावना है. रात आठ बजे फाफामऊ और छतनाग में गंगा का जलस्तर चार-चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था.

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