UP Expressway: 7.5 घंटे में गोरखपुर, 6 घंटे में लखनऊ और 8 घंटे में सिलीगुड़ी, 700 KM का एक्सप्रेसवे बदल देगा यूपी की कनेक्टिविटी

Updated:
विज्ञापन

गोरखपुर से शामली का सफर होगा आधा, 700 KM का नया एक्सप्रेसवे बदल देगा यूपी का रोड नेटवर्क

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

UP Expressway: उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम शुरू हो गया है. 700 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर यात्रा के समय को आधा कर देगा.

विज्ञापन

UP Expressway: उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ने वाले प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. करीब 700 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद गोरखपुर से शामली तक सड़क यात्रा का समय मौजूदा करीब 12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है. यह कॉरिडोर पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक तेज और सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में अहम परियोजना माना जा रहा है.

विज्ञापन

NHAI ने निर्माण के लिए निकाले टेंडर

परियोजना को आगे बढ़ाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेसवे के चार हिस्सों के निर्माण के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. इन चार पैकेजों की कुल लंबाई 220 किलोमीटर से अधिक बताई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक पैकेज 6 और 7 इस परियोजना के सबसे लंबे हिस्सों में शामिल हैं.

पश्चिम से पूर्वांचल तक बनेगा तेज कॉरिडोर

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामली से शुरू होकर गोरखपुर तक जाएगा. इसका उद्देश्य यूपी के पश्चिमी हिस्से को पूर्वांचल से तेज सड़क नेटवर्क के जरिए जोड़ना है. परियोजना का स्वरूप एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का है. इससे लंबी दूरी की यात्रा के साथ-साथ माल ढुलाई और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी गति मिलने की उम्मीद है.

इन जिलों से होकर गुजरने की योजना

उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार प्रस्तावित कॉरिडोर करीब 22 जिलों से होकर गुजरने की योजना है. इसमें पश्चिमी यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ क्षेत्र से लेकर मध्य और पूर्वी यूपी के कई जिले शामिल हैं. विभिन्न रिपोर्टों में रूट के विवरण में अंतर भी सामने आया है, इसलिए अंतिम अलाइनमेंट को आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों के आधार पर ही तय माना जाएगा.

यूपी के सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई कड़ी

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बनने से यूपी के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा का समय घटाने के साथ मौजूदा प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. परियोजना के पूरा होने के बाद यह यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में शामिल होगा.

यह भी पढ़ें: UP Weather Today: मानसून की विदाई से पहले फिर बदला यूपी का मौसम, 17 सितंबर को इन जिलों में बारिश-गरज की संभावना

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola