राम मंदिर 'चोरी' केस में चंपत राय का पलटवार, बोले- SBI ने ही तोड़े अपने नियम

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  राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ( स्रोत- सोशल मीडिया

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ( स्रोत- सोशल मीडिया

Ram Mandir 'Theft' Case : राम मंदिर में हुए कथित चंदा चोरी के मामले में चंपत राय ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर गंभीर सवाल उठाए हैं. एसआईटी को दिए बयान में उन्होंने बैंक के सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

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Ram Mandir 'Theft' Case : अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित चंदा चोरी के मामले में पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. एसआईटी को दिए गए लिखित बयान में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर गंभीर सवाल उठाए.हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, चंपत राय का कहना है कि बैंक ने अपने ही चेस्ट रूम (कैश रूम) से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कराया, जिससे लापरवाही की स्थिति बनी. उन्होंने पूछा कि जब दिशानिर्देश स्पष्ट थे तो उन्हें लागू क्यों नहीं किया गया.

जेब वाले कपड़े और बिना जांच के एंट्री

चंपत राय ने कहा कि बैंक के नियमों के मुताबिक कैश रूम में प्रवेश और निकास के समय कर्मचारियों की तलाशी अनिवार्य होती है. बैंक कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होनी चाहिए. लेकिन बैंक ने इन नियमों को लागू नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में कर्मचारियों को जेब वाली ड्रेस दी गई और बैंक अधिकारियों ने इस चूक पर ध्यान ही नहीं दिया. उन्होंने कहा कि यदि बैंक के वरिष्ठ अधिकारी सतर्क रहते तो ऐसी गलती समय रहते पकड़ी जा सकती थी.

गिरफ्तारियां, इस्तीफे और नई व्यवस्था

इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय का महासचिव पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी मंजूर किया गया, जबकि प्रशासक गोपाल राव को हटा दिया गया. ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है. वहीं, इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस उनके पास से करीब 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है.

45 साल का सार्वजनिक जीवन खुली किताब

चंपत राय ने कहा कि मैंने ट्रस्ट की इच्छा का सम्मान करते हुए अब तक कोई बयान नहीं दिया था. उनका कहना है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1991 से अयोध्या में सेवा कर रहा हूं और उनका 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी रहा है. राय ने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सबके सामने आ जाएगी.

यह भी पढ़ें- अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, CEO की नियुक्ति पर भी हुई चर्चा


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Satyendra Giri

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