लखनऊ में संजय निषाद का धरना, पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर पुलिस को अल्टीमेटम, मुकेश सहनी और राजपाल कश्यप भी पहुंचे
लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर धरने पर बैठे संजय निषाद
गोंडा में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता की धारदार हथियारों से हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित परसपुर थाना क्षेत्र में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता विनोद कुमार साहनी (45) की हत्या के बाद मामला गरमा गया है. बुधवार रात धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल विनोद को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था. हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया, जहां गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. विनोद की मौत की खबर मिलते ही निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद केजीएमयू पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ता की मौत पर नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और न्याय की मांग को लेकर लखनऊ स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए.
मुकेश सहनी और राजपाल कश्यप भी पहुंचे
विनोद निषाद की मौत के बाद लखनऊ में चल रहे धरने में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और सपा नेता राजपाल कश्यप के भी पहुंचने की जानकारी है. दोनों नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर संजय निषाद से मुलाकात की और कार्यकर्ता की मौत पर अपनी संवेदना जताई। इस दौरान घटना को लेकर नाराजगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सामने आई. धरने में दोनों नेताओं की मौजूदगी से मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई.
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे विनोद
विनोद कुमार साहनी गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे. बुधवार रात करीब आठ बजे वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और 5-7 अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने धारदार हथियारों से विनोद पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल विनोद को परिजन तत्काल परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे.
गोंडा से केजीएमयू लाए गए, नहीं बच सकी जान
विनोद की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया. वहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमयू भेजा गया. करीब एक दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद गुरुवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया. विनोद की मौत की सूचना मिलने के बाद मंत्री संजय निषाद केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए न्याय की मांग की.
संजय निषाद ने SHO और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की
संजय निषाद ने गोंडा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परसपुर थाना अध्यक्ष और शाहपुर चौकी प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की. मंत्री ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विनोद के परिजनों के बयान के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
कार्रवाई नहीं हुई तो गोंडा में घेराव की चेतावनी
यूपी के मंत्री संजय निषाद ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त नहीं किया गया तो 11 सितंबर को गोंडा पहुंचकर एसपी कार्यालय और आवास का घेराव किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विनोद को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी.
तीन नामजद समेत 5-7 अज्ञात पर केस
पुलिस के मुताबिक, मामले में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं. पुलिस घटना के कारणों और हमले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
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