2017 का कलिंग उत्कल ट्रेन हादसा : रेलवे के पांच अफसरों को कोर्ट के सामने पेश होने का नोटिस

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मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2017 में हुए कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे के सिलसिले में रेलवे के पांच अधिकारियों के खिलाफ गुरुवार को नोटिस जारी कर उन्हें उसके समक्ष उपस्थित होने को कहा. उनमें से कुछ अधिकारी अब सेवा में नहीं हैं.

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मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2017 में हुए कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे के सिलसिले में रेलवे के पांच अधिकारियों के खिलाफ गुरुवार को नोटिस जारी कर उन्हें उसके समक्ष उपस्थित होने को कहा. उनमें से कुछ अधिकारी अब सेवा में नहीं हैं.

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मालूम हो कि इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गयी थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गये थे. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकीम अहमद ने रेलवे के पांच अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किये और उन्हें 17 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सरकारी रेलवे पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक ने पिछले महीने तत्कालीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर इंद्रजीत सिंह, तत्कालीन जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार, तत्कालीन स्टेशन मास्टर प्रकाश चंद, तत्कालीन सेक्शन कंट्रोलर पी वी तनेजा और हैमर मैन जितेंद्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए और 147 के तहत अदालत में आरोप पत्र दायर किया था.

मालूम हो कि उत्तर रेलवे ने पहले ही अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है. इनमें से प्रदीप कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, जबकि पीवी तनेजा और प्रकाश चंद को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया गया. इसके अलावा इंदरजीत सिंह के खिलाफ विभाग ने चेतावनी जारी की थी.

कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ओड़िशा के पुरी से हरिद्वार जा रही थी. मुजफ्फरनगर जिले के खतौली शहर में 19 अगस्त, 2017 को ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गये थे. इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गयी थी. वहीं, 100 से अधिक लोग घायल हो गये थे.

Posted By : Kaushal Kishor

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