Ram Mandir Ayodhya: कल होगा ऐतिहासिक फैसला, कौन संभालेगा राम मंदिर के पहले CEO की कमान, आज ट्रस्ट को सौंपे जाएंगे तीन नाम

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3 नामों में कौन संभालेगा राम मंदिर CEO की कमान

Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट जल्द ही अपने पहले CEO का चयन करेगा. तीन शॉर्टलिस्ट किए गए नामों पर कल होने वाली अहम बैठक में विचार किया जाएगा. सचिव पद और अन्य खाली पदों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं.

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Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर के पहले CEO के चयन को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है. चयन समिति ने तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्हें आज राम मंदिर ट्रस्ट के समक्ष रखा जाएगा. इसके बाद बुधवार को होने वाली अहम बैठक में इन नामों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम फैसला होने की संभावना है. ट्रस्ट की यह बैठक कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर खास मानी जा रही है.

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मणिरामदास छावनी में होगी महत्वपूर्ण बैठक

राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक मणिरामदास छावनी में आयोजित की जाएगी. बैठक में चयन समिति की ओर से भेजे गए तीन नामों पर विचार किया जाएगा. इसके बाद ट्रस्ट पहले CEO के लिए किसी एक नाम को अंतिम रूप दे सकता है. चयन प्रक्रिया में शामिल सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावड़े भी अयोध्या पहुंच चुके हैं. बैठक का दौर दोपहर 2 बजे से शुरू होने की संभावना है.

तीन नामों में से चुना जाएगा राम मंदिर का पहला CEO

राम मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को नई व्यवस्था के तहत संचालित करने के लिए पहली बार CEO की नियुक्ति की जा रही है. चयन समिति ने इसके लिए तीन नामों को अंतिम सूची में शामिल किया है. हालांकि, इन नामों का अभी सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया है. अब ट्रस्ट की बैठक में इन तीन उम्मीदवारों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर विचार करने के बाद किसी एक नाम पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है.

सचिव पद को लेकर भी हो सकती है बड़ी घोषणा

राम मंदिर ट्रस्ट में सचिव पद को लेकर भी जल्द फैसला होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक जगदीश ऑफले के नाम पर सचिव पद के लिए चर्चा हो सकती है. इस संबंध में भी ट्रस्ट की बैठक के बाद औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में बैठक सिर्फ CEO के चयन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं.

महत्वपूर्ण पद खाली होने के बाद बढ़ी नियुक्तियों की जरूरत

राम मंदिर ट्रस्ट में कुछ महत्वपूर्ण पद खाली होने के बाद नई नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज हुई है. चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद पद रिक्त बताए जा रहे हैं. इसके अलावा ट्रस्ट सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद भी एक सदस्य पद खाली है. इन खाली पदों को भरने को लेकर भी आगामी बैठक में चर्चा और संभावित घोषणा हो सकती है.

CEO के साथ सदस्य पद पर भी सबकी नजर

ट्रस्ट में कुल तीन महत्वपूर्ण पदों को लेकर फैसले की संभावना जताई जा रही है. इनमें राम मंदिर का पहला CEO, सचिव पद और खाली सदस्य पद शामिल है. सदस्य पद के लिए राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे और साहित्यकार यतींद्र मिश्र के नाम की चर्चा है. वहीं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा को भी ट्रस्ट में शामिल किए जाने की अटकलें हैं. अब सबकी नजर मणिरामदास छावनी में होने वाली बैठक पर है, जहां राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है.

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