गरीब नवाज एक्सप्रेस में शराब का खेल: कोच अटेंडेंट के बैग से 30 बोतलें बरामद, बलिया में GRP ने दबोचा

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बलिया में गरीब नवाज एक्सप्रेस का कोच अटेंडेंट शराब तस्करी में गिरफ्तार

UP Crime: बलिया रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने गरीब नवाज एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट को बड़ी मात्रा में विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपी बिहार में तस्करी कर रहा था. इस गिरफ्तारी से ट्रेन में शराब तस्करी के रैकेट का खुलासा हुआ है.

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UP Crime: उत्तर प्रदेश से बिहार शराब ले जाने के मामले में बलिया रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई की है. गरीब नवाज एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट राहुल कुमार राम (28) को शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. तलाशी के दौरान उसके बैग से अलग-अलग ब्रांड की 30 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई. बरामद शराब की कीमत करीब 4,850 रुपये बताई गई है.

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चेकिंग के दौरान पकड़ा गया कोच अटेंडेंट

जीआरपी के अनुसार, बलिया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर संदिग्ध गतिविधि के आधार पर राहुल कुमार राम की तलाशी ली गई. उसके बैग से शराब की बोतलें मिलने के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. आरोपी बिहार के भागलपुर जिले के रंगरा थाना क्षेत्र के कुमादपुर गांव का रहने वाला बताया गया है. पुलिस के मुताबिक वह ट्रेन संख्या 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट के रूप में काम करता था.

बलिया से शराब लेकर बिहार पहुंचाने की थी तैयारी

पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों से शराब खरीदकर बिहार ले जाता था. बिहार में शराबबंदी के कारण वहां शराब ऊंची कीमत पर बिकने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, इस बार भी आरोपी ने बलिया से शराब खरीदी थी और उसे बिहार ले जाने की तैयारी में था, तभी चेकिंग के दौरान पकड़ा गया.

आबकारी अधिनियम में केस, जेल भेजा गया

जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है. कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खरीद-फरोख्त में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हैं तथा क्या वह लंबे समय से इस तरह शराब बिहार पहुंचा रहा था.

ट्रेन से शराब तस्करी पर बढ़ी निगरानी

बलिया रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के नजदीक होने के कारण शराब तस्करी के मामलों में संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में रेलवे पुलिस की ओर से ट्रेनों और यात्रियों की जांच लगातार की जाती है. गरीब नवाज एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट की गिरफ्तारी ने यह भी सामने ला दिया है कि तस्करी के लिए ट्रेन में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है.

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