मछली पकड़ने को जाल डाला था तालाब में, फंस गया 8 फीट का मगरमच्छ, जानें फिर क्या हुआ मोहम्मद याकूब के साथ

जाल में फंसा मगरमच्छ
बिजनौर जिले के एक गांव में मछली पकड़ने के लिए डाला गया जाल 8 फीट लंबे मगरमच्छ में फंस गया. ग्रामीणों की दहशत और वन विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया.
UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में उस वक्त ग्रामीणों के होश उड़ गए, जब मछली पकड़ने के लिए तालाब में डाला गया जाल 8 फीट लंबे मगरमच्छ में उलझ गया. पहले ग्रामीणों को लगा कि जाल में कोई बड़ी मछली फंसी है, लेकिन जैसे ही उन्होंने जाल को बाहर खींचा तो उसमें से विशालकाय मगरमच्छ निकल आया. यह नजारा देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे गंगा नदी में छोड़ दिया.
मछली समझकर खींचा जाल, सामने आया 8 फीट का मगरमच्छ
घटना नांगल सोती थाना क्षेत्र के रायपुर खास गांव की है. रविवार सुबह करीब 10 बजे गांव निवासी मोहम्मद याकूब मंडेयो गांव के पास स्थित अपने तालाब में मछली पकड़ने पहुंचे थे. उन्होंने तालाब में जाल डाला तो कुछ देर बाद जाल में तेज हलचल होने लगी. याकूब को लगा कि कोई बड़ी मछली फंस गई है, लेकिन जब जाल को करीब से देखा तो उसमें करीब 8 फीट लंबा मगरमच्छ तड़पता मिला. यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए और आसपास मौजूद ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए.
मगरमच्छ देखकर गांव में मचा हड़कंप
तालाब में मगरमच्छ मिलने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. मगरमच्छ के हमलावर होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी बना ली और तत्काल सामाजिक वानिकी विभाग को सूचना दी.
वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही वन दरोगा विकास कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों मोहम्मद याकूब, तस्लीम अहमद और जुनैद अहमद की मदद से काफी सावधानी के साथ मगरमच्छ को रस्सियों से काबू में किया. रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित वाहन से गंगा नदी ले जाकर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया.
ग्रामीणों से की गई अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी जलाशय, खेत या आबादी के आसपास मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें. तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके और किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके.
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By Tilak Kumar
तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
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