Bareilly: माफिया अतीक अहमद के छोटे भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ अहमद को शनिवार को प्रयागराज नहीं ले जाया जा सका. सुबह भारी सुरक्षा बल के बीच अशरफ को पुलिस बरेली जेल से प्रयागराज ले जाने की तैयारी में थी. मगर, यह प्रोग्राम अचानक टल गया. अशरफ की जेल से रवानगी नहीं हुई.
पत्नी और बहन ने हत्या की जताई आशंका
इस मामले में प्रयागराज में वकीलों की हड़ताल से लेकर तमाम अफवाहें उड़ रही हैं. लेकिन, बरेली जेल प्रशासन ने कहा कि गारद नहीं आई. जेल अधीक्षक ने कहा कि अशरफ अहमद प्रयागराज जाएगा या नहीं, इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते. अशरफ की प्रयागराज सीजेएम कोर्ट में पेशी थी. अशरफ को बरेली से ले जाने के लिए प्रयागराज से पुलिस और ब्रज वाहन आया था. पीछे-पीछे उसकी पत्नी जैनब और बहन आयशा, अपने वकीलों के साथ बरेली जेल के पास तक आ गई थीं.
उन्होंने मीडिया से बातकर हत्या की आशंका जताई थी.इसके साथ ही सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि अशरफ को फंसाया जा रहा है. पत्नी, बहन और उनके वकील ने आरोप लगाया कि एक अधिकारी ने एक सप्ताह में हत्या की धमकी दी थी. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराने की मांग की.
उमेश पाल अपहरण केस में बरी हो चुकी है अशरफ
पूर्व विधायक अशरफ की उमेश पाल अपहरण केस में 28 मार्च को सुनवाई हुई थी. उस वक्त अशरफ को बरेली जेल से पुलिस प्रयागराज लेकर गई थी. इस मामले में माफिया अतीक अहमद को आजीवन कारावास हुआ. लेकिन, अशरफ के घटना के वक्त जेल में होने के कारण वह बरी हो गया था. बरेली जेल में बंद अशरफ पर फरवरी में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप है. इसी को लेकर प्रयागराज कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड में लेकर पूछताछ करने की कोशिश चल रही थी.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद बढ़ी मुश्किलें
24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या हो गई थी. इसमें पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद, उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, पुत्र असद अली, उमर, शूटर गुलाम, मुस्लिम गुड्डू आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. दो आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में पुलिस की गोली से मौत हो चुकी है. इसके साथ ही कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.
पुलिस को अशरफ के साले की तलाश
बरेली जेल में बंद अशरफ के मददगार मेयर का चुनाव लड़ने वाले लल्ला गद्दी को पुलिस जेल भेज चुकी है. मगर, उसका साला सद्दाम फरार है. उसकी तलाश में छापेमारी चल रही है. उसकी तलाश में पुलिस उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक दबिश दे चुकी है. मगर, इसके बाद भी कोई सुराग नहीं लगा.
जेल कर्मी हुए सस्पेंड
बरेली जेल के डिप्टी जेलर (कारपाल) राजीव कुमार मिश्र, उपकारापाल दुर्गेश प्रताप सिंह, जेल बॉर्डर (आरक्षी) ब्रिजवीर सिंह, मनोज गौड़, दानिश मेहंदी, दलपत सिंह को सस्पेंड किया गया. यह कार्रवाई डीजी जेल आनंद कुमार ने जांच के बाद की. इससे पहले आरक्षी शिव हरि अवस्थी को सस्पेंड किया जा चुका है. इसके साथ ही शिव हरि अवस्थी और वर्तमान में पीलीभीत जेल में तैनात आरक्षी मनोज गौड़ को जेल भेजा जा चुका है.
रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद बरेली