बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर किसका हक? छह पोतियों और ट्रस्टी को नोटिस, प्रशासन ने मांगे साक्ष्य
बाबा नीब करौरी जन्मस्थली विवाद, छह पोतियों और ट्रस्टी को नोटिस
UP News: बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली का पैतृक मकान विवादों में घिर गया है. जिला प्रशासन ने छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी को नोटिस जारी कर स्वामित्व के साक्ष्य मांगे हैं. मामले की जांच अब प्रशासन की देखरेख में होगी.
UP News: बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली के पैतृक मकान को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासन की जांच तक पहुंच गया है. टूंडला के अकबरपुर स्थित मकान पर स्वामित्व को लेकर उठे विवाद में जिला प्रशासन ने बाबा की छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता को नोटिस जारी किया है. एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने दोनों पक्षों से दावेदारी के समर्थन में साक्ष्य और दस्तावेज मांगे हैं. अब इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी.
डीएम के निर्देश पर शुरू हुई जांच
बाबा नीब करौरी यानी लक्ष्मी नारायण शर्मा की जन्मस्थली को लेकर विवाद सामने आने के बाद डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. समिति की अध्यक्षता एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी कर रहे हैं. समिति ने बाबा की छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता को नोटिस भेजा है. प्रशासन ने दोनों पक्षों से अपनी-अपनी दावेदारी के समर्थन में साक्ष्य और दस्तावेज पेश करने को कहा है. प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष सुनवाई के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
छह पोतियों ने डीएम से की थी शिकायत
बाबा नीब करौरी के छोटे पुत्र स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह पुत्रियों सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा ने अगस्त में कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था. उन्होंने पैतृक संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी. साथ ही विवाद के स्थायी समाधान के लिए डीएम की अध्यक्षता में शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव भी रखा था.
मकान संख्या 154-व को लेकर विवाद
विवाद ग्राम पंचायत नगला स्थित मकान संख्या 154-व को लेकर है. इस मकान में बाबा नीब करौरी का ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष बताया गया है. शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय गुप्ता ने इस संपत्ति पर एकाधिकार कर लिया है. मुंबई से आए भावना रावत के पति मनोज रावत ने भी डीएम से मुलाकात कर पैतृक संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने की मांग रखी थी. उन्होंने विवाद के स्थायी समाधान के लिए डीएम की अध्यक्षता में प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव दिया था.
ट्रस्ट ने आरोपों को खारिज किया
वहीं, श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि ट्रस्ट का गठन वर्ष 1996 में बाबा नीब करौरी की धर्मपत्नी स्वर्गीय रामबेटी शर्मा ने कराया था. वर्तमान में ट्रस्ट में 18 सदस्य हैं. बाबा की आगरा निवासी बेटी गिरजा भटेले इसकी अध्यक्ष हैं. मनोज अग्रवाल के अनुसार, बाबा के बड़े बेटे स्वर्गीय अनेक सिंह शर्मा की बड़ी बेटी सुनीता शर्मा के पति त्रिलोकी चंद्र शर्मा, दूसरी बेटी अर्चना शर्मा और बेटे डॉ. धनंजय शर्मा भी ट्रस्ट में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सभी सदस्य सेवा भावना से कार्य कर रहे हैं. संपत्ति का कोई निजी उपयोग नहीं हो रहा है. निष्पक्ष होकर सेवा करना चाहने वाले लोगों का स्वागत है.
ट्रस्ट पर किसी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए'
शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से भावना रावत के पति मनोज रावत का कहना है कि उनका उद्देश्य ट्रस्ट पर किसी एक व्यक्ति का एकाधिकार रोकना है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से प्रशासन के सामने डीएम की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. उनका कहना है कि इससे बाबा की संपत्ति के दुरुपयोग की आशंका को रोका जा सकेगा.
घरौनी में संशोधन की मांग से बढ़ा पेच
मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. वहीं, घरौनी में संशोधन की मांग ने भी मामले को और पेचीदा बना दिया है. शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से घरौनी में संशोधन की मांग की गई है. हालांकि, वर्तमान में प्रदेश स्तर पर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू यानी राजस्व परिषद की ओर से घरौनियों में संशोधन को लेकर रोक का प्रावधान लागू है. ऐसे में राजस्व नियमों के बीच जिला प्रशासन इस विवाद का क्या विधिक समाधान निकालता है, यह महत्वपूर्ण होगा.
जन्मस्थली को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी
इधर, अकबरपुर स्थित बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम भी चल रहा है. जिला प्रशासन इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में जुटा है. डीएम संतोष कुमार शर्मा ने जन्मस्थली पहुंचकर विकास कार्यों और प्रस्तावित कॉरिडोर की समीक्षा की. डीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन नीति-2022 में संशोधन कर नीब करौरी बाबा सर्किट को शामिल किया है. इसके तहत लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा/वृंदावन को आपस में जोड़ा जा रहा है. इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के नए अवसर मिलने की उम्मीद है.
865.98 लाख रुपये से फेज-1 का काम
फेज-1 में 865.98 लाख रुपये की लागत से डॉरमेट्री, रेस्तरां, सभा स्थल, डिजिटल लाइब्रेरी और सीसी रोड का काम चल रहा है. इसके अलावा सेप्टिक टैंक, समरसेबुल पंप और साइट डेवलपमेंट का कार्य भी कराया जा रहा है. 222.47 लाख रुपये से फेज-2 के काम स्वीकृत फेज-2 में 222.47 लाख रुपये की लागत से टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सीसी रोड, नाली, पेवर और ट्यूबवेल के कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इसके साथ ही बाह्य विद्युत कार्य और म्यूरल वर्क भी कराया जाएगा. अब जन्मस्थली की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन की जांच अहम हो गई है. दोनों पक्षों से मांगे गए दस्तावेज और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
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