यूपी: बदायूं के डीएम और एसएसपी निलंबित,66 आइएएस,42 आइपीएस का तबादला

Updated at : 07 Jun 2014 8:47 PM (IST)
विज्ञापन
यूपी: बदायूं के डीएम और एसएसपी निलंबित,66 आइएएस,42 आइपीएस का तबादला

।।राजेन्द्र कुमार।। लखनऊः लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार और उसके बाद सूबे में दुराचार की हुई कई सनसनीखेज घटनाओं से दबाव में आयी अखिलेश सरकार ने डैमेज कंट्रोल अभियान के तहत सूबे के प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल कर दिया है. जिसके तहत 66 आईएएस और 42 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया. अखिलेश […]

विज्ञापन

।।राजेन्द्र कुमार।।

लखनऊः लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार और उसके बाद सूबे में दुराचार की हुई कई सनसनीखेज घटनाओं से दबाव में आयी अखिलेश सरकार ने डैमेज कंट्रोल अभियान के तहत सूबे के प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल कर दिया है. जिसके तहत 66 आईएएस और 42 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया. अखिलेश सरकार के इस डैमेज कंट्रोल के तहत 32 जिलों के पुलिस कप्तान और दो दर्जन से अधिक जिलाधिकारियों को हटाया गया है.

मुख्यमंत्री ने सरकार के लिए बदनामी का सबब बने बदायूं कांड को लेकर बदायूं के जिलाधिकारी शंभुनाथ यादव तथा एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित कर दिया.सूबे की कानून व्यवस्था को सुधारने का हवाला देते हुए की गई इस कार्रवाई की जानकारी मुख्य सचिव आलोक रंजन ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी एल बनर्जी की मौजूदगी में दी. इन अफसरों का दावा है कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में सख्त कार्रवाई कर रही है और अब जो भी अधिकारी इस मामले में सुस्ती दिखाएगा वह जिले में तैनात नहीं रह सकेगा. मुख्य सचिव का यह भी दावा है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. फिर चाहे वह व्यक्ति कोई भी हो.

तेवर दिखाए हैं मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि अधिकारियों को दिये गये निर्देशों का मुख्य सचिव और डीजीपी ने बलात्कार के बाद दो बहनों की बदायूं में हुई हत्या की घटना को शर्मनाक बताया और इस घटना में लापरवाही के लिये तात्कालिक प्रभाव से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बदायूं अतुल सक्सेना को शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया है ताकि भविष्य मे अन्य अधिकारियांे को कड़ा सबक मिल सके. डीजीपी ने यह दावा भी किया कि जिलों में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जायेगी.

इसके लिए सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकोंध्पुलिस अधीक्षकों द्वारा पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी की जायेगी एवं विशेष अभियान चलाया जायेगा. महिलाओं के विरुद्ध कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जायेगा तथा इन अपराधों पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही की जायेगी. ऐसी किसी भी गम्भीर अपराध की घटना पर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकध्पुलिस अधीक्षक स्वयं जाएंगे एवं घटना का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करेंगे.

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि सूबे में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जायेगा. छोटी-छोटी घटनाओं का चिन्हीकरण करके उसके लिए जिम्मेदार अपराधियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी. वाहनों पर काली फिल्म एवं हूटर के खिलाफ भी तत्काल सधन अभियान चलाया जायेगा. अवैध खनन को प्रदेश मे पूरी तरह से रोका जायेगा.

अवैध खनन के लिए संबंधित जिले के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकध्पुलिस अधीक्षक सीधे जिम्मेदार होगे. उन्होने बताया कि अवैध खनन करने वाले माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी. जघन्य अपराधियों एवं लोक शान्ति भंग करने वाले अवांछनीय तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट आदि के अन्तर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola