Jodhpur Cylinder Blast: मृतकों के आश्रितों को 17 लाख मुआवजा, संविदा पर मिलेगी नौकरी

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Jodhpur Cylinder Blast: जोधपुर के भूंगरा गांव में गैस सिलेंडर त्रासदी में सरकार ने आंदोलकारियों की मांग मान ली है. इसके तहत सरकार हादसे में मारे गये लोगों को 17 लाख रुपये बतौर मुआवजा के साथ-साथ संविदा पर नौकरी दे रही है. वहीं, घायलों को सरकार 5 लाख रुपये का मुआवजा दे रही है.

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Jodhpur Cylinder Blast: राजस्थान के जोधपुर के भूंगरा गांव में गैस सिलेंडर त्रासदी के पीड़ितों की मांग आखिरकार सरकार ने पूरी कर ही दी. हादसे के बाद मुआवजे की मांग पर आंदोलनकारियों और सरकार के बीच सहमति बन गई. आजतक न्यूज के मुताबिक, बीते रविवार रात सीएम अशोक गहलोत ने प्रदर्शनकारियों से फोन पर बात की. इसके साथ ही हादसे में मृतकों के परिजनों को 17 लाख रुपए, घायलों को 5 लाख रुपए और मृतक के आश्रित सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की मांगों पर सहमति बन गई है.

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लोगों ने छेड़ा था आंदोलन: इससे पहले राजस्थान के भुंगड़ा सिलेंडर विस्फोट मामले में मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने आंदोलन छेड़ा था. रविवार को जोधपुर में कई विधायक, सांसद और अन्य नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. गौरतलब है कि शेरगढ़ संभाग के भुंगड़ा में आठ दिसंबर को सिलेंडर फटने के बाद आग लग गई थी जिसमें करीब 50 लोग घायल हो गए थे. हादसे में कम से कम 35 लोगों की रविवार तक मौत हो गई थी.

जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च: मुआवजे की मांग को लेकर भुंगड़ा पीड़ित संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने सिर पर काली पट्टी व हाथों पर रिबन बांधकर एमजी अस्पताल के मुर्दाघर से काले झंडे लहराते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च किया था. उन्होंने राज्यपाल कलराज मिश्र को संबोधित करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था. बता दें, आंदोलनकारी मृतकों के एक-एक आश्रित को नौकरी देने की मांग कर रहे थे. वहीं, मांगें पूरी नहीं होने तक शव नहीं उठाने की चेतावनी भी दी थी.

वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन: गौरतलब है कि पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से बातचीत विफल होने के बाद शनिवार को रैली निकाली गई थी. रैली के आयोजकों में से एक भोपाल सिंह बदला ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे और पीड़ितों के शवों को स्वीकार नहीं करेंगे.

मुर्दाघर में पड़े हैं 9 शव: वहीं, एमजी अस्पताल के अधीक्षक के मुताबिक, नौ शव फिलहाल अस्पताल के मुर्दाघर में हैं. इनका पोस्टमार्टम या दाह संस्कार किया जाना है. आंदोलनकारियों ने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी जबकि घायलों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की है. 

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