ओडिशा में बाढ़ प्रभावित 4.87 लाख लोग सुरक्षित निकाले गये, 126 रिस्पॉन्स टीमें तैनात

Updated:
विज्ञापन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू करती टीम.

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है. 4.87 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 126 राहत टीमें तैनात की गई हैं.

विज्ञापन

भुवनेश्वर : ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव, पुनर्बहाली तथा आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति का अभियान जारी है. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसइओसी) की नवीनतम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है. बताया गया कि मौजूदा बाढ़ की स्थिति से बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, केंद्रापड़ा और सुंदरगढ़ सहित सात जिले प्रभावित हुए हैं.

विज्ञापन

ओडिशा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारी बारिश का अनुमान

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को सुधार के संकेत दिखे, क्योंकि अधिक बारिश नहीं होने के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया. सुधरे हालात से राज्य सरकार को राहत कार्य तेज करने में मदद मिली. हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक रहने की संभावना नहीं है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने शुक्रवार से 27 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है. इस दौरान तटीय और उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि ये क्षेत्र इस साल पहले ही दो बार बाढ़ का सामना कर चुके हैं. सुंदरगढ़ जिले को भी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया.

बालेश्वर,मयूरभंज सहित सात जिले बुरी तरह प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, 76 ब्लॉक, 505 ग्राम पंचायत, 1,703 गांव और 12 शहरी स्थानीय निकाय प्रभावित हुए हैं तथा कुल 13,44,698 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. पिछले कुछ दिनों में मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा और क्योंझर में स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है. हालांकि, प्रमुख नदियों का जलस्तर अब घटने की प्रवृत्ति में है और सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. एहतियाती कदम के तहत अब तक 4,87,350 लोगों को सुरक्षित निकालकर 880 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. इन शिविरों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, बिजली, चिकित्सा सुविधा और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. जलमग्न एवं संपर्क से कटे गांवों में रेस्पॉन्स टीमें प्रभावित परिवारों के घरों तक पका भोजन और सुरक्षित पेयजल पहुंचा रही हैं. बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है.

4,95,833 लोगों को उपलब्ध कराया गया पका भोजन

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में मुफ्त रसोई लगातार संचालित की जा रही हैं. अब तक 4,95,833 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है. स्थानीय जरूरतों के अनुसार सूखा राशन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है. प्रभावित परिवारों को 4,765 पॉलीथिन शीट/रोल उपलब्ध कराये गये हैं.

55,139 को पहुंचाया गया सुरक्षित स्थानों पर

बचाव और आपातकालीन अभियानों को मजबूत करने के लिए प्रभावित जिलों में 126 रेस्पॉन्स टीमें तैनात की गयी हैं. इनमें 32 ओड्राफ, आठ एनडीआरएफ, 46 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा 40 पुलिस/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीमें शामिल हैं. जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है. रेस्पॉन्स टीमों ने अब तक 30,303 लोगों को बचाया, जबकि 55,139 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. बचाव दल 492 संपर्क विहीन गांवों तक पहुंच चुके हैं और 124 लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए स्थानांतरित किया गया है. राहत एवं बचाव कार्यों में कुल 210 नावों और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

महिला को चिकित्सा के लिए लेकर जाती टीम.
महिला को चिकित्सा के लिए लेकर जाती टीम.

11,549 लोगों को चिकित्सा सहायता दी गयी, 44 संस्थागत प्रसव हुए

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 93 चिकित्सा सहायता टीमें तैनात की गयी हैं और 159 चिकित्सा शिविर आयोजित किये जा चुके हैं. अब तक 11,549 लोगों को चिकित्सा सहायता दी गयी है. मातृ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए 150 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है और 44 संस्थागत प्रसव कराये गये हैं. आवश्यक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम, ओआरएस और आइवी फ्लूइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. अब तक किसी बीमारी के प्रकोप की सूचना नहीं मिली है. प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध करायी जा रही हैं. 39 पशु चिकित्सा टीमें/आरआरटी तैनात की गयी हैं और 174 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किये गये हैं. अब तक 15,939 पशुओं का उपचार या टीकाकरण किया गया है, जबकि पशुधन की देखभाल के लिए 1,405.2 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola