चांडिल नहर में पलटा बालू लदा आयशर, हादसे ने खोल दी अवैध बालू कारोबार की परत
केनाल के नीचे गिरा बालू लदा वाहन
चांडिल डैम रोड पर गांगूडीह कैनाल में बालू लदा आयशर वाहन अनियंत्रित होकर नहर में पलट गया. गनीमत रही कि नहर में पानी कम था, जिससे चालक की जान बच गई. इस हादसे ने क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
चांडिल: चांडिल थाना क्षेत्र के चांडिल डैम रोड स्थित गांगूडीह मुख्य कैनाल में मंगलवार सुबह बालू लदा आयशर वाहन अनियंत्रित होकर नहर में पलट गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. गनीमत रही कि नहर में पानी कम था, जिससे चालक की जान बच गयी. स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला. चालक को मामूली चोट आयी है, जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बालू लदा आयशर गांगूडीह मुख्य कैनाल के समीप अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे नहर में जा पलटा. वाहन के नहर में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गयी. ग्रामीणों ने बिना देर किये बचाव कार्य शुरू कर दिया. समय रहते चालक को वाहन से बाहर निकाल लिया गया. यदि नहर में पानी अधिक होता या हादसे के समय आसपास से कोई अन्य व्यक्ति गुजर रहा होता, तो घटना का परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था.
हादसे ने खोल दी अवैध बालू कारोबार की परत
गांगूडीह कैनाल में बालू लदे वाहन के पलटने की घटना ने चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एनजीटी के निर्देशों के बीच बालू लदे वाहन लगातार सड़कों पर कैसे दौड़ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बालू का कारोबार धड़ल्ले से जारी है और कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है.

लोगों का कहना है कि बालू कारोबार पर नियंत्रण की जिम्मेदारी चांडिल अनुमंडल प्रशासन और पुलिस की है. इसके बावजूद रात-दिन बालू लदे वाहनों की आवाजाही जारी रहने से सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है. गांगूडीह जैसी घटना में अगर नहर में पानी अधिक होता, तो चालक की जान बचाना मुश्किल हो सकता था. ऐसे में यह हादसा सिर्फ एक वाहन के पलटने की घटना नहीं, बल्कि बालू परिवहन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.
तेज बहाव के कारण नदी से उठाव कम
जानकारी के अनुसार ईचागढ़-तिरुलडीह क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी में तेज बहाव के कारण इन दिनों नदी से बालू उठाव बेहद कम हो रहा है. इसके बावजूद चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में बालू की आपूर्ति जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, चौका, चांडिल और नीमडीह क्षेत्र में पहले से डंप कर रखे गये बालू को वाहनों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में भेजा जा रहा है.
चौका में है सबसे अधिक बालू डंप
ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों चौका थाना क्षेत्र में सबसे अधिक बालू डंप होने की चर्चा है. इसके बाद चांडिल थाना क्षेत्र में भी कई स्थानों पर बालू का भंडारण किये जाने की बात सामने आ रही है. इन्हीं स्थानों से बालू को जमशेदपुर के अलावा चांडिल, नीमडीह, पारडीह, बोड़ाम और पटमदा क्षेत्र में ऊंचे दामों पर भेजे जाने का आरोप है. वही नीमडीह थाना क्षेत्र के रास्ते रात रात भर बड़े पैमाने पर अवैध बालू लदे हाइवा का परिचालन हो रही हैं. जो पश्चिम बंगाल के बलरामपुर, बागमुंडी, बड़ाबाजार आदि क्षेत्र में प्रति हाइवा 50 से 60 हजार रुपए में बालू बेची जा रही हैं.
ऊंचे दाम पर बालू खरीदने को मजबूर हैं लोग
बालू की उपलब्धता को लेकर आम लोगों में भी नाराजगी है. निर्माण कार्य कराने वाले लोगों का कहना है कि वैध तरीके से बालू की उपलब्धता सीमित होने के कारण उन्हें ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है. दूसरी ओर, अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगने से सरकारी राजस्व को नुकसान होने के साथ-साथ नियमों की अनदेखी कर परिवहन करने वाले वाहनों से सड़क हादसे का खतरा भी बना हुआ है.
गांगूडीह कैनाल में आयशर पलटने की घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और प्रशासन बालू लदे वाहनों की आवाजाही तथा कथित डंपिंग स्थलों की जांच को लेकर क्या कार्रवाई करता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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