साहिबगंज में गंगा का जलस्तर घटा, दियारा में आफत बरकरार; 7 गांवों में पहुंची राहत सामग्री
गंगा का घटता जलस्तर | Prabhat Khabar Network
गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद साहिबगंज के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का असर बना हुआ है. 7 गांवों में राहत सामग्री पहुंची, पर बीमारियों का खतरा बढ़ा.
संवाददाता, साहिबगंज. गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन साहिबगंज के दियारा क्षेत्र में बाढ़ की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. रविवार को गंगा का जलस्तर 27.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सोमवार सुबह छह बजे इसके घटकर 27.73 मीटर पहुंचने का अनुमान है. जलस्तर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन गंगा से सटे कई गांवों में अब भी बाढ़ का पानी जमा है.
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जलस्तर घटा, गांवों से नहीं हटा बाढ़ का असर
गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद सदर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं हुई है. रामपुर दियारा क्षेत्र के दुर्गा स्थान टोला, रामपुर टोला, टोपरा, बलवा टोला समेत करीब आधा दर्जन गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं. वहीं, नगर परिषद क्षेत्र के निचले इलाकों में भी नालियों और निचले स्थानों पर पानी जमा है.
ग्रामीणों के सामने अब भी घर और सामान की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है. कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में हैं, जबकि पशुओं को भी ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.
सात गांवों में 500 से अधिक राहत पैकेट बांटे
बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से रविवार तक सदर प्रखंड के रामपुर, टोपरा, बलवा टोला, दुर्गा स्थान समेत सात गांवों में 500 से अधिक राहत पैकेट वितरित किये गये. प्रभावित परिवारों के बीच चूड़ा, गुड़, बिस्कुट और पेयजल उपलब्ध कराया गया.
प्रशासन की ओर से राहत वितरण के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
पानी घटा, लेकिन बीमारी का खतरा बढ़ा
बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, भोजन और साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है. दूषित पानी के इस्तेमाल से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. प्रशासन ने लोगों को दूषित पानी का इस्तेमाल नहीं करने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है.
जलस्तर घट रहा, फिर भी दियारा में अलर्ट
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी या बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर जोखिम न लें. परिवार के सदस्यों और पशुओं के साथ तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाएं.
एसडीओ अमर जॉन आईनद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है. जलस्तर में कमी को देखते हुए संबंधित इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी गयी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है. प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन कर रही हैं.
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