शिबू सोरेन को समर्पित होगा विश्व आदिवासी दिवस: ड्रोन शो, एआइ चैटबॉट से दिखेगी झारखंड की नयी पहचान

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शिबू सोरेन की फाइल फोटो

विश्व आदिवासी दिवस इस बार केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की आदिवासी अस्मिता, परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम होगा. रांची में 8-9 अगस्त को दो दिवसीय महोत्सव में 5000 से अधिक कलाकार भाग लेंगे, जिसमें ड्रोन शो, AI चैटबॉट और फैशन शो जैसे आधुनिक आकर्षण भी शामिल होंगे.

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सुनील चौधरी, रांची

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Jharkhand Tribal Festival : इस बार विश्व आदिवासी दिवस केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की आदिवासी अस्मिता, परंपरा और आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा प्रदर्शन बनने जा रहा है. राज्य सरकार ने आठ और नौ अगस्त को दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है. आयोजन को दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित किया जायेगा.

रांची समेत पूरे राज्य में होंगे कार्यक्रम 

पिछले वर्ष के उनके निधन की वजह से विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था. पर इस बार उन्हीं को समर्पित करते हुए धूमधाम से आयोजन की तैयारी की जा रही है. रांची के मोरहाबादी मैदान से लेकर बिरसा चौक तक भव्य आदिवासी जतरा निकलेगी, जबकि राजधानी दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है. राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम होंगे.

5,000 से अधिक कलाकारों के साथ सजेगा महोत्सव 

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने महोत्सव के आयोजन के लिए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जारी आरएफपी के स्कोप ऑफ वर्क से साफ है कि इस बार महोत्सव को पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जायेगा, बल्कि इसे आधुनिक तकनीक और आदिवासी संस्कृति के संगम के रूप में विकसित किया जायेगा. देशभर से पांच हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों के शामिल होने की तैयारी है.

हाट-बाजार में लगाये जायेंगे 100 स्टॉल

महोत्सव परिसर में आदिवासी हाट-बाजार, हस्तशिल्प और हथकरघा प्रदर्शनी, वन उत्पादों की बिक्री, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, नवाचार एवं नॉलेज जोन, युवा संवाद, सेमिनार, फूड जोन और सांस्कृतिक मंच तैयार किये जायेंगे. हाट-बाजार में 100 स्टॉल लगाये जायेंगे. जहां झारखंडी व्यंजन से से लेकर तमाम कलाकृति तक मिलेंगे. शिल्पकारों द्वारा लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन भी कराया जायेगा, ताकि आगंतुक पारंपरिक कला को नजदीक से देख सकें.

ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और फैशन शो होगा आकर्षण का केंद्र महोत्सव में

पहली बार ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो का भी आयोजन प्रस्तावित है. इनके माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति, पहनावा, जीवन शैली और सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जायेगा. रात में पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विशेष लाइटिंग और विजुअल इफेक्ट्स का प्रदर्शन होगा.

ये होंगे प्रमुख आकर्षण

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित विशेष प्रदर्शनी और डिजिटल ट्रिब्यूट.
  • मोरहाबादी से बिरसा चौक तक भव्य आदिवासी जतरा.
  • देशभर के पांच हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों की भागीदारी.
  • ड्रोन लाइट शो, एआई थी-डी चैटबॉट, एआर-वीआर और डिजिटल टनल.
  • ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो.
  • आदिवासी हाट, हस्तशिल्प, वन उत्पाद व स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी.
  • रांची के साथ सभी जिला मुख्यालयों और दिल्ली में भी आयोजन की तैयारी.

इस बार की खासियत

इस बार आयोजन की सबसे बड़ी खासियत अत्याधुनिक तकनीक होगी ड्रोन लाइट शो, इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर, डिजिटल टनल, इंटरएक्टिव पलोर प्रोजेक्शन, एआर-वीआर अनुभव, काइनेटिक एलइडी वीडियो वॉल, होलोमाफिक फैन, ट्विटर वॉल, डिजिटल स्टैंडी और एआई आधारित थी-डी चैटबॉट आकर्षण का केंट होंगे. शिबू सोरेन के जीवन और योगदान पर डिजिटल ट्रिब्यूट मी तैयार किया जायेगा.

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