Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी

Updated:
विज्ञापन

रांची के अपर बाजार में चीनी ढोता श्रमिक और रांची के कारोबारी रंजीत कुमार, रवि कुमार, गल्ला कारोबारी और संतोष कुमार. फोटो: प्रभात खबर

त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम आदमी और छोटे दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है. रांची के व्यापारी चीनी की कीमतों में वृद्धि के पीछे एथनॉल उत्पादन को मुख्य कारण मानने से इनकार कर रहे हैं.

विज्ञापन


आपके शहर में

विज्ञापन

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

Sugar Price Hike: त्योहारों का मौसम नजदीक है. बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई की कड़वाहट भारी पड़ती दिख रही है. चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देश में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथनॉल को अहम वजह बताया जा रहा है, लेकिन रांची के कारोबारी कुछ और वजह बता रहे हैं. प्रभात खबर की टीम ने राजधानी रांची के अपर बाजार समेत कई प्रमुख बाजारों में चीनी की कीमतों को लेकर पड़ताल की. थोक कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल चीनी की कीमत 63 से 64 रुपये प्रति किलो के आसपास है, जबकि खुदरा बाजार में यही चीनी करीब 70 रुपये किलो तक बिक रही है.

10 साल में पहली बार इतनी तेजी, दुकानदारों में भी चिंता

रांची में कोकर के कारोबारी रंजीत कुमार का कहना है कि पिछले करीब 10 वर्षों में उन्होंने चीनी की कीमतों में इस तरह की अचानक तेजी नहीं देखी है. कारोबारियों के मुताबिक चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी ने बाजार के कारोबार को प्रभावित किया है. हालांकि, चीनी की कीमत बढ़ने की वजह को लेकर कारोबारियों की राय अलग-अलग है.

कालाबाजारी से बढ़ी चीनी की कीमतें

अपर बाजार के व्यापारी रवि कुमार ने इथेनॉल उत्पादन को चीनी की कीमत बढ़ने की वजह बताए जाने को अफवाह करार दिया. उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कालाबाजारी और बाजार में अन्य कारण ज्यादा जिम्मेदार हो सकते हैं. दूसरे कारोबारी का कहना है कि पैदावार और स्टॉक की स्थिति का भी कीमतों पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल का इस कमी में कितना योगदान है, इसे स्पष्ट तौर पर बताना मुश्किल है.


बाजार में चीनी की उपलब्धता हुई कम

गल्ला मार्केट के कारोबार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मिलों से बाजार में आने वाली चीनी की उपलब्धता में कमी भी है. उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. हालांकि, त्योहारों तक चीनी के दाम कम होंगे या इनमें और तेजी आएगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ कहना मुश्किल है.

त्योहारों से पहले ग्राहकों की बढ़ी चिंता

चीनी की कीमत बढ़ने से आम ग्राहक भी परेशान हैं. ग्राहकों का कहना है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई और दूसरे खाद्य सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है. ग्राहकों का कहना है कि हाल में गैस की किल्लत और उससे जुड़ी परेशानी का सामना करने के बाद अब चीनी की बढ़ती कीमत ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है.

दुकानदारों पर सीधा असर

चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ घरों की रसोई तक सीमित नहीं है. चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले फुटपाथ दुकानदार भी इसकी मार झेल रहे हैं. फुटपाथ पर जलेबी बेचने वाले दुकानदार संतोष केसरी ने बताया कि वे रोजाना 10 से 15 किलो तक चीनी का इस्तेमाल करते हैं. कीमत में बढ़ोतरी के कारण उन्हें रोजाना करीब 400 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. दुकानदारों की परेशानी यह भी है कि वे लागत बढ़ने के बावजूद अपने सामान की कीमत तुरंत नहीं बढ़ा सकते. ऐसे में बढ़ी हुई लागत का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें: Sugar Price : त्योहारों से पहले महंगी न हो चीनी, सरकार ने बनाया खास प्लान

त्योहारों में मिठाई महंगी होने की आशंका

चीनी की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है. त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में अगर चीनी की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आई, तो इसका असर मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, बाजार में चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नीचे आएंगे या त्योहारों के साथ इसकी कीमतों में और उछाल देखने को मिलेगा. चीनी की बढ़ती कीमत ने फिलहाल आम आदमी की रसोई से लेकर छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और बाजार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

इसे भी पढ़ें: त्योहारों से पहले चीनी की कीमत पर नजर, जानें सप्लाई और स्टॉक से क्या होगा बाजार का हाल


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola