झारखंड नियुक्ति प्रक्रिया में नया बवाल, संदेह के घेरे में चयनित 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की डिग्री

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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा के परिणाम पर सवाल उठ रहे हैं. 313 सफल अभ्यर्थियों में से 33 के प्रमाण पत्रों के फर्जी होने का संदेह है, जिससे उनकी नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.

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सुनील कुमार झा की रिपोर्ट

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रांचीः झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में सफल 313 अभ्यर्थियों में से 33 के प्रमाण पत्रों के फर्जी होने का संदेह है. विभागीय स्तर पर प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान पहली नजर में इन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां और दस्तावेजों की प्रामाणिकता संदेहास्पद पाई गई है. ऐसे में संदेह के घेरे में आई इन अभ्यर्थियों को फिलहाल नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी गई है. कहा गया है कि जब तक प्रमाण पत्रों का सत्यापन और प्रामाणिकता की पुख्ता जांच नहीं हो जाती, नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाएगा. इधर, माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में भी कंप्यूटर साइंस, एआई एंड कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा साइंस जैसे विषयों की डिग्री को लेकर कुछ अभ्यर्थियों से विभाग से शिकायत की है. विभाग का कहना है इन शिकायतों की भी जांच की तैयारी की जा रही है.

परीक्षा में 313 अभ्यर्थी हुई थी सफल

राज्य सरकार की ओर से महिला पर्यवेक्षिका के कुल 444 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना जेएसएससी को भेजी गयी थी. वर्ष 2023 में झारखंड महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जेएसएससी की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए थे. परीक्षा सितंबर 2024 में हुई, जबकि आयोग ने 27 मई 2025 को रिजल्ट जारी किया. परीक्षा में कुल 313 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जबकि 131 पद रिक्त रह गए थे. इसके बाद जेएसएससी ने नियुक्ति की अनुशंसा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से की. जब 313 सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच विभागीय स्तर पर शुरू की गई, तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया. पता चला कि प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित 33 अभ्यर्थियों ने राज्य के एक ही निजी विश्वविद्यालय से एक ही शैक्षणिक सत्र में समाजशास्त्र विषय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. इतना ही नहीं, उनके अंक भी लगभग समान हैं. यह स्थिति सामान्य संयोग है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच का विषय है.

इसलिए संदेह के घेरे में है परीक्षा में सफल 33 अभ्यिर्थियों की डिग्रियां

  1. सभी 33 अभ्यर्थी का राज्य के एक ही निजी विश्वविद्यालय स्नातक की परीक्षा में सफल हुई हैं.
  2. सभी अभ्यर्थियों ने 12वीं पास करने के बाद करीब छह से सात साल बाद स्नातक की पढाई की है.
  3. अधिकतर अभ्यर्थियों ने इंटर की पढ़ाई साइंस से की है. इसके बाद समाजशास्त्र से स्नातक किया.
  4. सभी अभ्यर्थियों के स्नातक की पढ़ाई करने का शैक्षणिक सत्र लगभग एक समान है.
  5. इन अभ्यर्थियों के स्नातक में पास मार्क्स भी लगभग बराबर है.

शिक्षक नियुक्ति में भी अभ्यर्थियों का ऐसा ही दावा

राज्य में लगभग 1300 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इनमें से लगभग 800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से कर दी है. इस बीच कुछ अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से शिकायत की है कि कंप्यूटर साइंस, एआई एंड कोडिंग, साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस विषय में सफल कुछ अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र गलत तरीके से हासिल किया है. अभ्यर्थियों का दावा है कि सफल अभ्यर्थियों ने राज्य के निजी विवि से डिग्री हासिल की है.


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