झारखंड से प्लस टू कर चुके छात्रों को IT कंपनियों में जॉब का मौका, जानें जरूरी योग्यता और चयन प्रक्रिया
झारखंड से प्लस टू करने वाले छात्रों के लिए आईटी कंपनी में जॉब पाने का बेहतरीन मौका है. दरअसल राज्य का श्रम विभाग और एचसीएल टेक्नोलॉजी के बीच एक एमओयू हुआ है. इसमें प्लस टू साइंस या कॉमर्स छात्र बिना जेइइ मेंस या एडवांस दिये बीटेक कर सकते हैं.
रांची: झारखंड के प्लस टू साइंस या कॉमर्स के बिजनेस मैथ से उत्तीर्ण छात्र बिना जेइइ मेंस या एडवांस दिये भी बीटेक कर सकते हैं. वहीं सीधे एचसीएल जैसी आइटी कंपनी में प्लेसमेंट ले सकते हैं. श्रम विभाग व एचसीएल टेक्नोलॉजी स्टॉफिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए एमओयू से यह मौका मिल रहा है.
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इसके तहत एक वर्षीय प्रशिक्षण सह प्लेसमेंट कार्यक्रम एचसीएल टेकबी, एचसीएल टीएसएस की ओर से चलाया जा रहा है. इसके लिए इसमें पहले निबंधन कराना होगा. इसके बाद एक घंटे का अॉनलाइन टेस्ट होगा, जिसमें मैथ, इंग्लिश, रिजनिंग और निबंध लेखन शामिल होगा. अॉनलाइन टेस्ट में सफल होने के बाद अॉनलाइन इंटरव्यू लिये जायेंगे. इसके बाद छात्रों का अंतिम रूप से चयन होगा. चयन होने के बाद पहले छह माह अॉनलाइन मोड से प्रशिक्षण होगा.
जिसमें कम्यूनिकेशन स्कील्स, टेक्निकल स्कील्स आदि का प्रशिक्षण होगा. प्रशिक्षण के दौरान कंपनी डेटा कॉस्ट के रूप में 650 रुपये प्रतिमाह देती है. पहले छह माह प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों को अगले छह माह इंटर्नशिप करने के लिए एचसीएल के किसी भी कार्यालय में जाना होता है. वहां अभ्यर्थी लाइव प्रोजेक्ट पर काम करते हैं. इस दौरान एचसीएल छात्रों को 10 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान करती है, ताकि हर आय वर्ग के बच्चे इस कार्यक्रम का लाभ ले सके.
एक साल प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत अभ्यर्थी एचसीएल के फुल टाइम इंप्लाई बन जाते हैं. जो कंपनी के पेरोल पर होते हैं. प्रथम वर्ष का पैकेज 1.70 लाख से 2.20 लाख रुपये के बीच होता है.
ऑनलाइन टेस्ट में शामिल होने के लिए 10 प्लस टू 60 प्रतिशत अंकों के साथ मैथमैटिक्स या बिजनेस मैथमैटिक्स से उत्तीर्ण होना चाहिए. गणित विषय में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य है. इच्छुक छात्र-छात्राएं HCLTECHB. COM पर जाकर निबंधन करा सकते हैं. श्रम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह छात्र-छात्राओं के लिए यह अच्छा मौका है. कंपनी योग्य उम्मीदवार को जरूरत पड़ने पर बीटेक का कोर्स भी कराती है. इसमें स्कॉलशिप का प्रावधान है. जो बीटेक नहीं करना चाहते हैं, उनके लिए रोजगार भी उपलब्ध है.
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