जल संरक्षण करते हुए समेकित कृषि प्रणाली का उपयोग जरूरी

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Birsa Munda

अनुसंधान केंद्र प्लांडू में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित आठ परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की गयी.

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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक

नामकुम. अनुसंधान केंद्र प्लांडू में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित आठ परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना के निदेशक डॉ अनूप दास, सलाहकार समिति के सदस्य डॉ शिवेंद्र कुमार, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ विकास दास, पशुधन मात्स्यिकी प्रभाग के अध्यक्ष डॉ कमल शर्मा, पीएमई सेल के अध्यक्ष डाॅ अभय कुमार शामिल हुए. विशेषज्ञों ने झारखंड की जलवायु व भूमि के परिप्रेक्ष्य में परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सुझाव और मार्ग दर्शन दिया. आठ परियोजनाओं से जुड़े हितधारकों, किसानों व उद्यमियों के साथ विचार-विमर्श किया गया. डॉ अनूप दास ने भूमि व जल संरक्षण करते हुए समेकित कृषि प्रणाली के उपयोग पर बल दिया. डॉ शिवेंद्र कुमार ने कहा वर्तमान समय में किसानों के कल्याण के लिए आवश्यकता पर आधारित अनुसंधान कार्य की जरूरत है. डॉ विकास दास ने कहा कि आरकेवीवाई की यह परियोजनाएं न सिर्फ किसानों के लिए लाभदायक होंगी बल्कि वैज्ञानिकों के लिए कृषि अनुसंधान का एक स्वर्णिम अवसर प्रदान कर रही हैं. नयी-नयी तकनीक सामने आयेंगी. डॉ कमल शर्मा ने किसानों को अपने मवेशियों की समुचित देखभाल करने की सलाह दी. डॉ अभय कुमार ने कहा कि परियोजनाएं झारखंड में किसान उत्पादक संगठनों को सुदृढ़ करने में बड़ी भूमिका निभायेंगी. केंद्र प्रधान डॉ अरुण कुमार सिंह ने परियोजनाओं के लक्ष्यों व बजट की विस्तृत जानकारी दी.

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