34 माह से वेतन का इंतजार कर रहे HEC कर्मचारी, बच्चों की पढ़ाई भी संकट में; अब राहत की उम्मीद

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एचइसी प्रबंधन अपने आवासीय परिसर के निजी स्कूलों को नोटिस जारी करेगा, ताकि कर्मचारियों के बच्चों को 11वीं कक्षा में नामांकन और फीस में रियायत मिल सके.

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रांची: आर्थिक संकट से जूझ रहे एचइसी कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई पर संकट न आये, इसे लेकर एचइसी प्रबंधन ने पहल शुरू की है. प्रबंधन अपने आवासीय परिसर में चल रहे निजी स्कूलों में एचइसी कर्मियों के बच्चों के नामांकन और फीस में रियायत देने की व्यवस्था कराने की तैयारी में है. इसके लिए आवासीय परिसर में संचालित सभी निजी स्कूलों को जल्द नोटिस जारी किया जायेगा.

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नगर प्रशासन विभाग के अधिकारी के अनुसार, प्रबंधन स्कूलों को एचइसी कर्मचारियों के बच्चों को नामांकन में प्राथमिकता देने और तय नियम के अनुसार फीस में रियायत देने का निर्देश देगा. इसका मकसद सत्र 2027-28 में कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाना है.

11वीं में नामांकन के समय बढ़ रही परेशानी

अधिकारी ने बताया कि अभी आवासीय परिसर के निजी स्कूलों में कक्षा 10वीं तक एचइसी कर्मचारियों के बच्चों को फीस में रियायत मिल रही है. परेशानी 11वीं कक्षा में नामांकन के समय शुरू होती है. कई अभिभावकों को नामांकन और फीस को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने इस समस्या को लेकर एचइसी प्रबंधन को पत्र भी दिया था. कर्मचारियों का कहना है कि वेतन समय पर नहीं मिलने के कारण स्कूल की फीस जमा करना मुश्किल हो गया है. दूसरी ओर, स्कूलों की ओर से फीस जमा करने के लिए लगातार नोटिस दिया जा रहा है.

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34 माह से वेतन बकाया, परिवार चलाना मुश्किल

हटिया कामगार यूनियन के लालदेव सिंह ने कहा कि एचइसी कर्मचारियों का 34 माह का वेतन बकाया है. ऐसे में परिवार का खर्च चलाना ही मुश्किल हो रहा है. बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना भी कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा में नामांकन के समय कई कर्मचारियों को स्कूलों में टाल-मटोल का सामना करना पड़ रहा है. आर्थिक तंगी के कारण अभिभावक फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है.

जमीन देते समय रखी गयी थी कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिकता की शर्त

लालदेव सिंह ने बताया कि पूर्व में एचइसी प्रबंधन ने आवासीय परिसर में स्कूलों के संचालन के लिए जमीन उपलब्ध करायी थी. उस समय यह शर्त रखी गयी थी कि इन स्कूलों में एचइसी कर्मचारियों के बच्चों को नामांकन में प्राथमिकता दी जायेगी.

एचइसी आवासीय परिसर में संत थॉमस, केराली स्कूल, विवेकानंद विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर समेत कई निजी स्कूल संचालित हैं. प्रबंधन की नई पहल से इन स्कूलों में पढ़ने वाले एचइसी कर्मचारियों के बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है.

2027-28 के सत्र में पढ़ाई बाधित होने से रोकने की तैयारी

एचइसी प्रबंधन का फोकस अब अगले शैक्षणिक सत्र से पहले इस समस्या का रास्ता निकालने पर है. स्कूलों को नामांकन में प्राथमिकता और फीस में तय रियायत देने के निर्देश के बाद कर्मचारियों के बच्चों को 11वीं कक्षा में नामांकन के दौरान आने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है.

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