बांग्लादेश के 'Gen-Z' आंदोलन की तर्ज पर झारखंड में हुंकार, बदहाली पर चलेगा AISA का अभियान

Updated:
विज्ञापन

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्य

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

AISA ने बांग्लादेश के 'Gen-Z' आंदोलनों की तर्ज पर झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है. संगठन का लक्ष्य स्कूलों और कॉलेजों की जमीनी हकीकत को उजागर करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करना है.

विज्ञापन

रांची: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने बांग्लादेश और दुनिया भर में चर्चित हुए 'जेन-जी' (Gen-Z) आंदोलनों की तर्ज पर झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त बदहाली के खिलाफ एक बड़ा ऐलान किया है. संगठन ने राज्य भर के स्कूल और कॉलेजों में 'स्कूल-कॉलेज सुधारो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दो' मुहिम शुरू करने का फैसला लिया है. रांची स्थित महेंद्र सिंह भवन में आयोजित आइसा के राज्य पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा व्यवस्था की कमियों, छात्र अधिकारों और राज्य में छात्र-युवा आंदोलनों की भविष्य की रूपरेखा और रणनीति तय की गई.

विज्ञापन

जमीनी हकीकत उजागर करेगा AISA

आइसा की राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने संगठन के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह नया अभियान केवल औपचारिक ज्ञापन सौंपने या प्रतीकात्मक प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रहेगा. संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सीधे विद्यार्थियों के बीच जाएंगे और राज्य के स्कूल-कॉलेजों की वास्तविक स्थिति का डेटा व रिपोर्ट तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि किन शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी है, कहां छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ा हुआ है और कहां कक्षाओं, पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है- इन सभी बुनियादी मुद्दों को इस अभियान का मुख्य केंद्र बनाया जाएगा और इसे सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से उठाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: सीजीएल परीक्षा से नियुक्त अधिकारियों को राहत, सरकार की अधिसूचना पर हाइकोर्ट ने लगायी रोक

'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों का अधिकार'- त्रिलोकीनाथ

बैठक को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार महज किसी स्कूल या कॉलेज में नामांकन मिल जाने तक सीमित नहीं हो सकता. पर्याप्त और योग्य शिक्षक, आधुनिक आधारभूत ढांचा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाना हर छात्र का संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकार है. आइसा इन्हीं सवालों को लेकर राज्य भर के छात्र समुदाय को गोलबंद करने का काम करेगा. बैठक में जंतर-मंतर की तर्ज पर हुए हालिया आंदोलनों, भर्ती परीक्षा संघर्षों और छात्र-युवा संसद की समीक्षा भी की गई. इस दौरान सांगठनिक मजबूती के लिए विभिन्न जिलों व विश्वविद्यालयों में प्रभारियों की नियुक्ति की गई. बैठक में रंजीत सिंह चेरो, विजय कुमार, संजना मेहता, रितेश मिश्र, स्नेहा महतो और गौतम दांगी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे.

ये भी पढ़ें: सिविल जज अभ्यर्थियों को झटका, झारखंड हाईकोर्ट का नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश पर रोक से इनकार

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola