असम-नगालैंड सीमा विवाद. गृह मंत्रालय ने पीएमओ को सौंपी रिपोर्ट

By Prabhat Khabar Digital Desk
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संघर्ष में 15 लोगों की मौतसीमा पर 1000 अर्द्धसैनिक बल तैनातकेंद्रीय गृह राज्यमंत्री आज गुवाहाटी में असम-नगालैंड के मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे वार्ताएजेंसियां, नयी दिल्लीअसम-नगालैंड सीमा पर चल रही हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्योरा मांगे जाने के बाद गृह मंत्रालय ने बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय को उसके बारे में एक रिपोर्ट सौंपी. हिंसा में पिछले एक सप्ताह में 15 नौ लोगों की मौत हो गयी है, जबकि 10 हजार लोग बेघर हो गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने गृह मंत्रालय से असम के गोलाघाट जिले में सीमा पर स्थिति को लेकर ब्योरा भेजने को कहा था. सीमा पर एक सप्ताह पहले नगालैंड के सशस्त्र समूहों के कथित हमले से हिंसा भड़क गयी थी. गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, 'हमने प्रधानमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी है.' सीमा पर स्थिति के बारे में ब्योरा मांगे जाने के महज कुछ ही घंटों के अंदर रिपोर्ट भेज दी गयी. गृह मंत्रालय स्थिति सामान्य बनाने के लिए असम-नगालैंड सीमा पर तैनाती के लिए पहले ही करीब 1000 अर्द्धसैन्यकर्मी भेज चुका है. असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और नगालैंड के उनके समकक्ष टीआर जेलियान इस विवाद के हल का रास्ता ढूंढने के लिए गुरुवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के साथ गुवाहाटी में वार्ता करेंगे. मैं दोनों मुख्यमंत्रियों को बताउंगा कि ये मौतें लापरवाही के चलते हुई हैं और अगर संयुक्त गश्त की जाती, तो हमें इतनी जिंदगियां गंवानी नहीं पड़तीं.' रविवार को जब गोगोई गोलाघाट जिले में हिंसा प्रभावित उरियामघाट गये थे तब उनके साथ धक्का-मुक्की हुई थी. सीआरपीएफ पर निष्क्रियता बरतने का आरोपगोगोई ने समस्याग्रस्त क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ पर सीमा पार से हमले रोकने में निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया था. हालांकि, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने गोगोई के इस आरोप को बेबुनियाद करार दिया. रिजिजू ने गोगोई के उस बयान को 'आधारहीन' बताते हुए खारिज किया जिसमें कहा गया था कि सीआरपीएफ सीमा विवाद में हस्तक्षेप नहीं कर रहा था. केंद्र ने गोगोई के बयान को खारिज करते हुए कहा है कि केंद्रीय बल राज्य के अधिकार में हैं. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की 'लापरवाही' के चलते दोनों राज्यों की सीमा पर हुई झड़पों में लोग मारे गये और दोनों राज्यों के पुलिस बलों की संयुक्त गश्त द्वारा इससे बचा जा सकता था. उन्होंने कहा, 'जहां तक सीमा विवाद की बात है, तो दोनों सरकारों को बैठकर बातचीत करनी चाहिए. हम केवल मदद कर सकते हैं. सीआरपीएफ और हम पर आरोप लगाना सही नहीं है. कानून और व्यवस्था उनकी जिम्मेदारी है. हम केंद्रीय बल भेजते हैं, लेकिन उनका नियंत्रण राज्य सरकार करती है.'
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