स्कूलों में भी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चले

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची: नवभारत जागृति केंद्र (एनबीजेके) व बेसिक नीड्स बेंगलुरु के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ‘मानसिक स्वास्थ्य और विकास मॉडल का झारखंड में प्रभाव’ विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम विभिन्न स्कूलों में चलाने संबंधी मामलों पर चर्चा की गयी. कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि रिनपास के निदेशक डॉ केके सिन्हा मौजूद थे.

मौके पर डॉ सिन्हा ने नवभारत जागृति केंद्र के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि नवभारत जागृति केंद्र के हर प्रयासों का रिम्स प्रबंधन सहयोग करेगा. इससे पूर्व एनबीजेके के अध्यक्ष गिरिजा सतीश ने कहा कि झारखंड के सात जिलों में 11 एनजीओ के साथ और बिहार के आठ जिलों में 14 एनजीओ की मदद से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. श्री सतीश ने बताया कि मानसिक रोगियों के इलाज में प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की जरूरत है. साथ ही एक समेकित सोच के साथ समस्याओं का समाधान और पुनर्वास का प्रावधान करे.

बेसिक नीड्स बेंगलुरु की कार्यक्रम पदाधिकारी उमा सुंदर ने स्वास्थ्य के विभिन्न मॉड्यूल्स की चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के जरिये छह लाख से अधिक मानसिक रोगी मुख्यधारा में लौटे हैं. इनकी सहयोगी कार्यक्रम पदाधिकारी रिमा घोष ने मानसिक स्वास्थ्य और विकास कार्यक्रम का संक्षिप्त मूल्यांकन पर चर्चा की. मौके पर डॉ मंजु प्रसाद ने भी अपना विचार रखा. कार्यशाला में अनूप, एस प्रधान, दिलशाद, प्रीतम, मनोज, चंदन, सोहर, सरताज समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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