रांची : समाज कल्याण विभाग के अनुसार केवल 19218 बच्चे हैं अति कुपोषित

Updated at : 16 Jul 2019 8:35 AM (IST)
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रांची : समाज कल्याण विभाग के अनुसार केवल 19218 बच्चे हैं अति कुपोषित

जानकारों ने इस आंकड़े को अविश्वसनीय व फर्जी बताया विभागीय मंत्री ने कहा : जिलों की रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा आया है रांची : समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आंगनबाड़ी के अति कुपोषित बच्चों की संख्या सिर्फ 19,218 है. विभागीय मंत्री ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा […]

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जानकारों ने इस आंकड़े को अविश्वसनीय व फर्जी बताया
विभागीय मंत्री ने कहा : जिलों की रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा आया है
रांची : समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आंगनबाड़ी के अति कुपोषित बच्चों की संख्या सिर्फ 19,218 है. विभागीय मंत्री ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि जिलों की रिपोर्ट के आधार पर यह आंकड़ा आया है. ऐसा विभाग की पोषण संबंधी योजनाओं के कारण हुआ है. दरअसल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक अति कुपोषित बच्चों की घटती संख्या का जिक्र किया है.
जानकारों के अनुसार, बिना किसी प्रभावी सर्वेक्षण व सर्वेक्षण प्रणाली के ऐसे आंकड़े सार्वजनिक करना गलत है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस-4) 2015-16 की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में पांच वर्ष तक के 47.8 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं. वहीं पांच वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों की संख्या करीब 11.1 फीसदी है. राज्य पोषण मिशन के ही बेसलाइन सर्वे से यह बात स्पष्ट हुई थी कि कुल कुपोषित बच्चों में से करीब चार लाख बच्चे अति कुपोषित हैं, तो क्या इनमें से ज्यादातर बच्चे आंगनबाड़ी के लाभुक नहीं हैं? यह बड़ा सवाल है.
देश की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद की रिपोर्ट से भी झारखंड में बच्चों व महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी दयनीय स्थिति की पुष्टि हो चुकी है. संस्थान ने राज्य के पांच जिलों में विशेष अध्ययन किया था. एक साल के अध्ययन के बाद 28 सितंबर 2016 को इसकी रिपोर्ट जारी की गयी थी. जानकारों के अनुसार, अति कुपोषित बच्चों की संख्या कम जरूर हुई होगी, पर इतना भी कम नहीं कि 19 हजार के अविश्वसनीय स्तर पर पहुंच जाये. विभागीय आंकड़े के अनुसार, दो वित्तीय वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 में अति कुपोषित बच्चों की संख्या का एक समान (45151) होना भी इसे फर्जी बनाता है. वहीं इसके बाद के एक ही वर्ष में एेसे बच्चों की संख्या में करीब 20 हजार की कमी दिखायी गयी है.
समाज कल्याण विभाग के आंकड़े
वित्तीय वर्ष छह माह से छह वर्ष के बच्चे अति कुपोषित
2015-16 3073027 63187
2016-17 3119700 45151
2017-18 3035044 45151
2018-19 2850147 24733
2019-20 2744555 19218
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