अब झारखंड के लोगों को साल भर बाद मिलने लगेगी मौसम की सटीक जानकारी, मौसम विज्ञान केंद्र में लगेगा डॉप्लर रडार

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
रांची : रांची के मौसम विज्ञान विभाग केंद्र में डॉप्लर रडार लगेगा. रडार को लगाने का काम 30 अप्रैल के बाद से शुरू हो जायेगा, जो मई 2020 तक पूरा होगा.
वहीं, जून 2020 से यह काम करने लगेगा. इस रडार को लगाने में 10 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में इस रडार को लगाने का प्रस्ताव दिया था. यह जानकारी मौसम विज्ञान विभाग नयी दिल्ली के वैज्ञानिक व अतिरिक्त महानिदेशक (उपकरण) डी प्रधान ने गुरुवार को मौसम विज्ञान विभाग में आयोजित प्रेस वार्ता में दी.
श्री प्रधान ने कहा कि रांची के मौसम विज्ञान विभाग केंद्र में डॉप्लर रडार लगाने का उद्देश्य न सिर्फ मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है, बल्कि विपदा में होनेवाले जान-माल का नुकसान शून्य करना भी है. उन्होंने बताया कि डॉप्लर रडार लग जाने के बाद कोलकाता व पटना केंद्र पर राज्य की निर्भरता समाप्त हो जायेगी. साथ ही मौसम की अद्यतन जानकारी विशेषकर प्री मॉनसून की अवधि (मार्च से जून तक) में उपलब्ध होगी. अगले दो-तीन घंटों में मौसम में होनेवाले बदलावों की जानकारी तत्काल मिल पायेगी. इसका लाभ विमानपत्तन, बिजली, सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन से लेकर अन्य संबंधित संस्थाओं और आमलोगों होगा.
रांची के अलावा ऐसा ही रडार रायपुर में भी लगाया जायेगा. श्री प्रधान ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा साल भर के अंदर आइएमडी मोबाइल एेप तैयार कर लिया जायेगा. इसके माध्यम से मौसम की अद्यतन जानकारी चंद सेकेंड में ही आमलोगों तक पहुंच जायेगी. प्रेस वार्ता में डॉ एसडी कोटल मौसम विज्ञान केंद्र रांची के निदेशक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
डॉप्लर रडार की विशेषताएं
चूंकि डॉप्लर रडार की रेंज 250 किमी है, इसलिए यह पूरे झारखंड को कवर करेगा. वहीं, सड़क मार्ग में यह 500 किमी तक की दूरी को कवर करेगा. इसके लिए मौसम विज्ञान केंद्र में नयी आधारभूत संरचना तैयार की जायेगी. 20 मीटर ऊंचा टावर लगाया जायेगा, जिसमें प्लेटफाॅर्म तैयार किया जायेगा. इसके ऊपर फुटबॉल जैसा एक बड़ा सा रेडोंम लगाया जायेगा, जो हमेशा घूमता रहेगा और एक 4.2 मीटर का डिश एंटिना लगेगा.
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें