रांची : धर्मदेव सहित सभी फर्जी डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई

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रांची : स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने रानी सेवा सदन, बेलचंपा गढ़वा के प्रोपराइटर धर्मदेव विश्वकर्मा सहित जिले के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है. वहीं फर्जीवाड़ा के कारण 30 अक्तूबर 2017 से सीलबंद रानी सेवा सदन को गैर निबंधित मान कर धर्मदेव से क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 50 […]

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रांची : स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने रानी सेवा सदन, बेलचंपा गढ़वा के प्रोपराइटर धर्मदेव विश्वकर्मा सहित जिले के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है. वहीं फर्जीवाड़ा के कारण 30 अक्तूबर 2017 से सीलबंद रानी सेवा सदन को गैर निबंधित मान कर धर्मदेव से क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 50 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का भी आदेश दिया गया है.
गौरतलब है कि धर्मदेव विश्वकर्मा खुद को डॉक्टर बता कर फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करते थे. रानी सेवा सदन में डॉ डीडी विश्वकर्मा एमबीबीएस (एएम) के नाम का बोर्ड भी लगा रखा था. जांच में पाया गया था कि रानी सेवा सदन डॉ आरएन जायसवाल के नाम पर निबंधित था, पर वह वहां नहीं थे.
पूछने पर पता चला कि डॉ जायसवाल बिहार में रहते हैं. धर्मदेव न सिर्फ रोगियों की जांच करते थे, बल्कि वह प्रयोगशाला भी संचालित करते थे. इसके लिए उन्होंने जांच टीम को तथाकथित सेंट्रल कोलकाता मेडिकल एंड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट का डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी का प्रमाण पत्र दिखाया था, जो गैर मान्यता प्राप्त संस्थान की फर्जी डिग्री थी.
इधर धर्मदेव ने अपने अस्पताल को खुलवाने के लिए क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत गठित स्टेट काउंसिल में अपील की थी, जिसकी सुनवाई 26 सितंबर 2018 को हुई थी. इसी के बाद स्वास्थ्य सचिव ने उपरोक्त आदेश दिया है. आदेश में कहा गया है कि जुर्माना भुगतान तथा धर्मदेव पर उक्त कानूनी कार्रवाई के बाद नये सिरे से विधिवत निबंधन कराने के बाद ही रानी सेवा सदन को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाये.
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