रांची : तीन विभागों का 4455 करोड़ राजस्व बकाया

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Aug 2018 12:44 AM

विज्ञापन

रांची : राज्य के तीन विभागों का 4455.53 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है. इसमें से 2200.92 करोड़ का राजस्व पिछले पांच साल से अधिक समय से बकाया है. राजस्व के बकाया पड़े रहने का बड़ा कारण टैक्स के मामले में चल रहा कानूनी विवाद है. हालांकि, सरकार ने बकाया टैक्स की वसूली को मॉनीटर […]

विज्ञापन
रांची : राज्य के तीन विभागों का 4455.53 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है. इसमें से 2200.92 करोड़ का राजस्व पिछले पांच साल से अधिक समय से बकाया है. राजस्व के बकाया पड़े रहने का बड़ा कारण टैक्स के मामले में चल रहा कानूनी विवाद है.
हालांकि, सरकार ने बकाया टैक्स की वसूली को मॉनीटर करने के लिए कोई तरीका विकसित नहीं किया है. एजी ने बकाया राजस्व के ऑडिट के बाद रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख किया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2006-07 से 2013-14 तक की अवधि से बकाया 2200.92 करोड़ रुपये के राजस्व में से सबसे ज्यादा वाणिज्यकर विभाग का है.
इस अवधि से वाणिज्यकर विभाग का बकाया 2020.87 करोड़, परिवहन विभाग का वाहन कर के रूप में 169.05 करोड़ और उत्पाद विभाग का 169.05 करोड़ रुपये है. ऑडिट के दौरान इतनी बड़ी राशि के बकाया होने के कारणों की भी जांच की गयी. इस दौरान 2396.26 करोड़ के बकाया राजस्व में से 919.71 करोड़ की जांच की गयी.
इसमें यह पाया गया कि यह राशि रांची पूर्वी, रांची दक्षिणी और रांची पश्चिमी से संबंधित है. इस राशि से संबंधित कानूनी विवाद विभाग और व्यापारियों के बीच विभिन्न स्तर पर विचाराधीन है. सिर्फ इतना ही नहीं विभाग के पास बकाया राजस्व का विस्तृत डाटा भी नहीं है. साथ ही बकाये की वसूली की मॉनीटरिंग के लिए कोई सिस्टम भी नहीं है.
बकाया राजस्व (करोड़ में)
विभाग राशि
वाणिज्यकर 4154.70
परिवहन 270.27
उत्पाद 30.56
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola